सरकार ने रक्षा मंत्रालय में सैन्य मामलों का अलग विभाग बना दिया है। मंगलवार को जारी एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि इस विभाग की अगुआई नव नियुक्त चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत करेंगे। उल्लेखनीय है कि सेनाध्यक्ष के तौर पर तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद जनरल रावत को देश का पहला सीडीएस नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत सरकार के कामकाज के बंटवारे के नियम 1961 में बदलाव को मंजूरी दे दी है। नए विभाग में तीनों सेनाओं आर्मी, नेवी और एयर फोर्स से संबंधित कार्य होंगे। सीडीएस के विभाग की यह खास जिम्मेदारी होगी कि वह तीनों सेनाओं में स्वदेशी उपकरणों के इस्तेमाल को बढ़ावा दे।
आदेश के मुताबिक, विशेष रूप से सेनाओं के लिए रक्षा खरीद का काम होगा। सैन्य मामलों का विभाग सैन्य कमानों का पुनर्गठन करेगा ताकि इसके संसाधनों का सर्वोत्तम इस्तेमाल हो सके। खासकर सैन्य अभियानों में तीनों सेनाओं में बेहतर तालमेल के अलावा सेनाओं की जरूरत के अनुरूप संयुक्त रूप से प्रशिक्षण और भर्तियों को लेकर रणनीति बनाना है।
सीडीएस सैन्य मामलों के विभाग (डीएमए) में सचिव के तौर पर काम करेंगे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने 24 दिसंबर को सीडीएस का पद बनाने की मंजूरी दी थी।