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जल्द ही विदेशियों को भारत आने के लिए वीजा आवेदन में देना होगा आपराधिक ब्यौरा

Mon, 22 Oct 2018 09:31 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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जल्द ही विदेशी नागरिकों को भारत आने के लिए वीजा आवेदन पत्र में अपना आपराधिक ब्यौरा भी भरना होगा। सरकार ने विदेशी नागरिकों के वीजा आवेदन पत्र में कुछ नए बदलाव करने जा रही है। सरकार ने यह कदम बाल यौन हिंसा में लिप्त विदेशी नागरिकों को भारत आने से रोकने के लिए उठाया है। पिछले साल महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने विदेशी नागरिकों के लिए वीजा नियमों में बदलाव करने के लिए पत्र लिखा था।

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महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने अपने ट्वीट के जरिए बताया कि उन्हें यह सूचित करते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है कि बच्चों के यौन शोषण की रोकथाम के संदर्भ में वीजा आवेदकों/विदेशी नागरिकों के वीजा एप्लीकेशन फॉर्म में आवेदनकर्ता के क्रिमिनल रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी देनी जरूरी होगी। उन्होंने अपने ट्वीट में आगे लिखा है कि भारत आने के लिए विदेशी नागरिकों को वीजा आवेदन पत्र में क्रिमिनल रिकॉर्ड की जानकारी देने के लिए उचित प्रश्नावली एवं घोषणा का कॉलम भरना होगा। इस कॉलम को जल्द ही वीजा आवेदन में शामिल कर लिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने वीजा आवेदन प्रपत्र में यह प्रावधान शामिल करने के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह का आभार जताया है। मेनका गांधी के मुताबिक उन्होंने कई बार शिकायतें की थी कि अपने देशों में बाल यौन दुर्व्यवहार के आरोपी रहे कुछ विदेशी नागरिक लगातार भारत में आवाजाही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम निश्चित रूप से ऐसे गंभीर अपराधों को रोकने में बहुत कारगर साबित होगा।
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मेनका गांधी का कहना है कि उन्होंने पिछले साल जनवरी में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिख कर बाल अपराधों में शामिल रहे विदेशी नागरिकों के भारत आने पर रोक लगाने की मांग की थी। साथ ही, विदेशी नागरिकों के लिए वीजा नियमों में बदलाव करने का अनुरोध किया था। उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि फिलहाल विदेशी नागरिकों को वीजा आवेदन में अपराध का ब्यौरा देने का कोई प्रावधान नहीं है।

उन्होंने लिखा था कि देश के कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिकायत की थी कि बेल्जियम में बाल यौन शोषण के मामलों में शामिल जोसेफ आर्केनजेल अपने देश से भागकर कन्नूर में फुटबॉल कोच बन गया। वहीं, ब्रिटिश नागरिक पौल मीकिन को 2012 में बंगलूरू के एक स्कूल में प्रधानाचार्य रहते हुए बाल अपराधों के लिए दोषी पाया था, जो बाद में नकली पासपोर्ट के जरिए कुवैत फरार हो गया था। मेनका गांधी इससे पहले भी विदेश मंत्रालय को पासपोर्ट में पिता के नाम की अनिवार्यता खत्म करने के लिए लिख चुकी हैं, ताकि तलाकशुदा या एकल माताओं के बच्चे पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकें।    

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