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संघर्ष विराम में अमेरिका भूमिका नहीं
करीब दो घंटे तक चली बैठक में विदेश सचिव से सबसे अधिक सवाल संघर्ष विराम में अमेरिकी मध्यस्थता के संदर्भ पूछे गए। सूत्रों के मुताबिक, विदेश सचिव ने संघर्ष विराम में अमेरिका या किसी अन्य देश की भूमिका से इन्कार किया। उन्होंने सरकार का रुख दोहराते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय द्विपक्षीय स्तर पर ही लिया गया था। संघर्ष विराम का प्रस्ताव पाकिस्तान की ओर से आया था।
सैन्य कार्रवाई की पाक को पूर्व सूचना नहीं दी गई
विदेश सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकियों के ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बारे में पाकिस्तान को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ शुरुआती मगर सटीक सैन्य हमले के बाद इसकी जानकारी पाकिस्तान को दी गई। पड़ोसी देश को बताया गया कि भारत ने किसी देश के खिलाफ नहीं बल्कि आतंकियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। दरअसल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि कि सैन्य कार्रवाई की पूर्व सूचना पाकिस्तान को दी गई थी। विदेश सचिव ने कहा कि विदेश मंत्री के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।