विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की वरिष्ठ नेता सुन हैयान से मुलाकात की। इस दौरान भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार के लिए उपयुक्त माहौल बनाने के वास्ते सकारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सुन हाईयान से मुलाकात की। भारत ने चीन के साथ संबंधों में सुधार के लिए सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) की वरिष्ठ नेता सुन हाईयान की मेजबानी की। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रिश्तों को दोबारा मजबूत करने से जुड़ी पहलों पर चर्चा की।
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सुन हाईयान सीपीसी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री हैं, इन दिनों भारत दौरे पर हैं। उनका यह दौरा भारत और चीन के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के उपाय तलाशने के उद्देश्य से हो रहा है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों ने रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। जून 2020 में गलवां घाटी में हुए हिंसक टकराव के बाद संबंधों में भारी तनाव आ गया था। यह सैन्य गतिरोध अक्तूबर 2024 में प्रभावी रूप से समाप्त हुआ।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में मिस्री ने लोगों के बीच आपसी समझ बढ़ाने को संबंध सुधार की कुंजी बताया और कहा कि बेहतर द्विपक्षीय रिश्तों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना जरूरी है। बातचीत में व्यापार और जन-केंद्रित संपर्कों को प्राथमिकता देते हुए रिश्तों को स्थिर और मजबूत करने की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही वर्ष 2026 में द्विपक्षीय संवाद को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार हुआ।
संवेदनशील मुद्दों के समाधान पर भी चर्चा
दोनों पक्षों ने अपने-अपने नेतृत्व द्वारा दिए गए अहम दिशा-निर्देशों को लागू करने और संबंधों को सामान्यीकरण की राह पर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि बैठक में लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और संवेदनशील मुद्दों के समाधान पर चर्चा हुई। चीनी पक्ष ने भारत को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने पर बधाई दी और शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए समर्थन जताया।