विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने जम्मू के नगरोटा में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के सुनियोजित हमले की घटना के बारे में अमेरिका, रूस और फ्रांस समेत कुछ विदेशी राजनयिकों के समूह को सोमवार को अवगत कराया। गौरतलब है कि सुरक्षाबलों ने समय रहते 19 नवंबर को आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया था।
सूत्रों ने बताया कि मिशनों के प्रमुखों को घटना के बारे में विस्तृत सूचना मुहैया कराई गई और आतंकवादियों के पास से बरामद गोला-बारूद के बारे में उन्हें बताया गया। सूत्रों ने बताया कि विदेशी राजनयिकों को इस बारे में भी बताया गया कि आतंकी जम्मू कश्मीर के सांबा सेक्टर में उजागर हुई सुरंग के जरिए घुसे। सूत्रों ने बताया कि कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर विदेश मंत्रालय छोटे-छोटे समूहों में राजनयिकों को इस बारे में अवगत कराएगा।
उन्होंने बताया कि पुलिस और खुफिया अधिकारियों की शुरुआती जांच में निकले निष्कर्ष से भी उन्हें वाकिफ कराया गया कि नगरोटा में हमले की साजिश रचने वाले आतंकवादी पाकिस्तान से संचालित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़े थे जबकि संयुक्त राष्ट्र ने इस पर प्रतिबंध लगा रखा है। मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान के दूतों को आतंकवादियों की साजिश के बारे में बताया गया।
एक ट्रक में छिपकर जा रहे जेईएम के चार संदिग्ध आतंकियों को सुरक्षाबलों ने गुरुवार सुबह नगरोटा में मुठभेड़ में मार गिराया था। सरकार ने कहा था कि सुरक्षाबलों ने इन आतंकियों को ढेर कर आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया।