भारत ने शुक्रवार को कहा कि उसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) को खालिस्तानी आतंकी गुट सिख फॉर जस्टिस की हरकतों के बारे में और अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है। भारत ने यह कदम उन खबरों के बाद उठाया है जिसमें कहा गया है कि सिख फॉर जस्टिस ने संयुक्त राष्ट्र को 10 हजार डॉलर (करीब 7 लाख रुपये) का चंदा दिया है।
यह गुट तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के अंदर जांच आयोग बनाने का दबाव बना रहा है। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी विदेश विभाग की भारत में मानवाधिकारों के मुद्दे पर रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम यह उम्मीद करते हैं कि भारत में हो रही घटनाओं के बारे में अन्य देशों को उचित समझ होनी चाहिए।
सिख फॉर जस्टिस द्वारा संयुक्त राष्ट्र को चंदा दिए जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम चौधरी ने जिनेवा स्थित भारतीय स्थायी मिशन द्वारा ओएचसीएचआर को एसएफजे की गतिविधियों के बारे में अवगत कराने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि एसएफजे को सरकार ने गैरकानूनी संगठन घोषित किया है। यह गुट देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के साथ ही भारत की संप्रभुता और अखंडता को भी बिगाड़ने के काम में लगा हुआ है।