भारत और चीन के बीच कई दौर की सैन्य और राजनयिक वार्ता के बावजूद पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव बना हुआ है। इस बीच भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि तात्कालिक काम विवाद वाले सभी क्षेत्रों से सैनिकों की पूरी तरह से वापसी सुनिश्चित करना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत और चीन राजनयिक और सैन्य चैनलों के जरिए एलएसी पर उत्पन्न हालात के शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं। यह प्रक्रिया 10 सितंबर को मॉस्को में हुई दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में बनी सहमति के आधार पर चल रही है।
उन्होंने कहा कि सीमा मुद्दे पर चीन के साथ संपर्क बनाए रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने सैन्य और राजनयिक चैनलों के जरिए संवाद और वार्ता जारी रखने की अपनी इच्छा दोहराई है। दोनों देश जल्द से जल्द सैनिकों की वापसी के लिए किसी स्वीकार्य समाधान पर पहुंचना चाहते हैं। हम चीनी पक्ष से संपर्क बनाए रखेंगे और कुछ घ्जानकारी होने पर सभी से साझा करेंगे।
भारत-चीन सीमा मामलों पर समन्वय और परामर्श के लिए बने कार्यकारी तंत्र की 19वीं बैठक 30 सितंबर को हुई थी जबकि 12 अक्तूबर को दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की 7वें दौर की बातचीत हुई थी।
सर्दियों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बल लंबी तैनाती के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं और नई दिल्ली सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने पर काम कर रही है। हाल ही में एलएसी पार कर आए चीनी सैनिक को जवानों ने पकड़ा था। हालांकि प्रोटोकॉल के तहत उसे बाद में चीन को सौंप दिया गया।