एस जयशंकर और मलयेशिया के विदेश मंत्री।
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मलयेशिया के विदेश मंत्री आज भारत दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-मलयेशिया संयुक्त आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता की। बैठक में सुरक्षा, व्यापार और वित्त सहित कई क्षेत्रों में चर्चा की गई।
ट्वीट कर दी जानकारी
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को नई दिल्ली में मलयेशिया के विदेश मंत्री जाम्ब्री अब्दुल कादिर के साथ मुलाकात की और छठीं भारत-मलयेशिया संयुक्त आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता की। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक, आसियन और पश्चिम एशिया सहित अन्य वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जयशंकर ने ट्वीट कर बैठक और मुलाकात की जानकारी दी।
नए क्षेत्रों में साथ कर सकते हैं भागीदारी
बैठक के दौरान जयशंकर ने कहा कि मलयेशिया आज हमारे लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदार है। भारत मलयेशिया के शीर्ष 10 व्यापारिक भागीदारों में से एक है। मलयेशिया आसियान में हमारा तीसरा सबसे बड़ा भागीदार है। हमें साथ में डिजिटल डोमेन, नवीकरणीय ऊर्जा, अर्धचालक और अंतरिक्ष सहित अन्य नए क्षेत्रों को तलाशना चाहिए। इसी दौरान कादिर ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष वर्तमान और भविष्य में सहयोग के लिए सक्ष्म हैं।
भारत-मलयेशिया संबंधों के लिए महत्वपूर्ण यात्रा
बता दें, मलयेशिया के विदेश मंत्री रविवार देर रात नई दिल्ली पहुंचे थे। यह उनकी पहली भारत यात्रा है। भारतीय अधिकारियों ने गर्मजोशी ने उनका स्वागत किया। कादिर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने भारत के दौरे पर आए हैं। कादिर की यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा महत्वपूर्ण राजनयिक महत्व रखती है। यह यात्रा भारत और मलयेशिया के बीच मौजूदा संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है।