केरल में डॉक्टरों की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। हैरान कर देने वाला ये मामला कोझिकोड का है। यहां एक 30 वर्षीय महिला ने डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उसका आरोप है कि पांच साल पहले उसकी डिलवरी के समय ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती थी और उसके पेट के अंदर चिमटी छोड़ दी थी। जिसके कारण उसे बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
वहीं, पीड़िता की शिकायत पर राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कार्रवाई की है। उन्होंने इस मामले में शनिवार को घटना की जांच के आदेश देने के साथ ही स्वास्थ्य सचिव को जल्द ही एक रिपोर्ट सौंपने को कहा है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि इस घटना में जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मिली जानकारी के मुताबिक, साल 2017 में नवंबर माह में कोझीकोड निवासी हर्षिनिया का तीसरी बार डिलीवरी के लिए यहां के कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन हुआ था। उसके पहले दोनो बार निजी अस्पताल में ऑपरेशन द्वारा उसकी डिलीवरी कराई गई थी।
पीड़िता ने बताया कि 'तीसरी सर्जरी के बाद, मुझे तेज दर्द होने लगा। मुझे लगा कि यह सीजेरियन सर्जरी के कारण है। इसके बाद मैंने कई डॉक्टरों से संपर्क किया। मुझे लगा कि या तो मुझे गुर्दे की पथरी है या किसी तरह का कैंसर है।' उन्होंने आगे बताया कि उस वक्त तो उन्होंने एंटीबायोटिक दवाओं आदि का इस्तेमाल किया, जिससे उनका दर्द कम हो जाता, लेकिन पिछले छह महीनों से दर्द और बढ़ गया था। उन्होंने यह भी बताया कि वह यूरिन इन्फेक्शन मूत्र संक्रमण से पीड़ित थी।
इसके बाद उन्होंने एक निजी अस्पताल में गुर्दे की पथरी के संदेह में सीटीस्कैन कराया। तब जाकर उन्होंने सही स्थिति बताई। निजी डॉक्टरों ने बताया कि 'मेरे पेट में एक धातु की वस्तु थी। उन्होंने मुझे बताया कि यह मेरे मूत्राशय को पोक कर रहा था और परिणामस्वरूप मूत्र संक्रमण हो रहा था। डॉक्टर मुझे दर्द को कम करने के लिए भारी एंटीबायोटिक्स देते थे।'
इसके बाद, वह कोझीकोड मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां, कोझिकोड मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने 17 सितंबर को हर्षिनिया की एक बड़ी सर्जरी की, ताकि उसके पेट में पिछले पांच वर्षों से मौजूद चिमटी को निकाला जा सके।
महिला के आरोपों पर मेडिकल कॉलेज ने भी जांच के आदेश दिए हैं। कोझीकोड मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ ईवी गोपी ने कहा कि हमने जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच के बाद, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ने बताया कि उनका कोई भी सर्जिकल उपकरण गायब नहीं था। मेडिकल कॉलेज आने से पहले महिला की निजी अस्पतालों में दो सर्जरी हो चुकी हैं।