प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते आदित्यनाथ
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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के चयन को लेकर कई तरह की बातें निकल सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि संघ के दबाव में बीजेपी ने योगी का चयन किया। एक अखबार ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया है। अखबार ने बीजेपी के कई सीनियर नेताओं से बातचीत के आधार पर दावा किया है कि योगी को सीएम बनाने में संघ की भूमिका न के बराबर है। उसने लिखा है कि पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की पसंद पर ही योगी सीएम बने हैं। पीएम मोदी और शाह योगी को पहले से ही दमदार सीएम कैंडिडेट मानते थे।
इकोनॉमिक्स टाइम्स के अनुसार, योगी के सीएम के रुप में चयन में आरएसएस का दबाव नहीं के बराबर था। अखबार ने दावा किया है कि जितने बीजेपी के नेताओं से बातचीत की, सभी ने कहा कि योगी के चयन में आरएसएस की भूमिका न के बराबर थी। एक नेता ने यहां तक कहा कि संघ की पहली पसंद तो राजनाथ सिंह थे।
बीजेपी के कई बड़े नेताओं से बातचीत में अखबार ने दावा किया है कि योगी के चयन के पीछे उनकी लोकप्रियता, राजनीतिक दबदबा, हर जातियों में उनकी पहुंच और इस बार के चुनाव में उनकी ओर से दिखाए गए संयम का बड़ा योगदान रहा। बीजेपी के एक सीनियर नेता के बयान के हवाले से अखबार ने लिखा है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव प्रचार से पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह से सीएम कैंडिडेट पर बातचीत की थी। शाह ने राजनाथ से ये भी पूछा था कि क्या आप मुख्यमंत्री कैंडिडेट बनना चाहते हैं ?
हर सर्वे में योगी रहे आगे
योगी
नेता ने दावा कि उस समय शाह ने राजनाथ सिंह से ये भी कहा था कि दो नाम सीएम के लिए मेरे सामने है, एक आपका और दूसरा योगी का। नेता ने बताया कि सिंह ने खुद सीएम कैंडिडेट बनने से इनकार कर दिया था और यह दलील भी दी थी कि पार्टी को किसी को आगे किए बिना यह चुनाव लड़ना चाहिए।
एक अन्य नेता ने बताया कि यूपी में बीजेपी की ओर से कराए गए हर सर्वे में आदित्यनाथ सीएम कैंडिडेट की रेस में राजनाथ सिंह से कम प्वाइंट से पीछे रहे। वहीं बीजेपी समर्थकों के बीच दोनों बराबरी पर ही रहे।
एक अन्य नेता ने कहा कि आदित्यनाथ पर मोदी और शाह के भरोसे का पता इस बात से भी चलता है कि उन्होंने उन रिपोर्ट्स को तवज्जो नहीं दी थी, जिनमें कहा गया था कि कुछ असंतुष्ट नेताओं के पीछे योगी हैं। उन्होंने कहा, 'किसी ने भी योगी से जवाब नहीं मांगा। हमारे अपने ही कुछ नेताओं को लगा था कि पूर्वांचल में योगी की वजह से पार्टी को दिक्कत हो सकती है, लेकिन मोदी और शाह को ऐसा नहीं लगा था।'
2014 लोकसभा चुनाव के दौरान अमित शाह गोरखपुर मठ में ठहरे थे। वहां योगी की सादा जीवन देखकर शाह बहुत प्रभावित हुए थे। एक अन्य सीनियर बीजेपी नेता ने अखबार से कहा कि योगी पर शाह का विश्वास इतना मजबूत था कि जब 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले यूपी में विधानसभा के उप चुनाव में बीजेपी का लचर प्रदर्शन सामने आया तो शाह ने योगी पर दोष नहीं डाला था, जो उपचुनाव के इंचार्ज थे।