आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को राजनीति में प्रवेश से रोकने का क्या तरीका होना चाहिए, सुप्रीम कोर्ट के पास आए इस अहम मामले का निपटारा संविधान पीठ करेगी। संविधान पीठ इस बात पर भी गौर करेगी कि ऐसी क्या प्रक्रिया होनी चाहिए जिससे कि अपराधी अपने इशारों पर राजनेताओं को न नचाए।
न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल की खंडपीठ ने मसले की गंभीरता और संविधानिक प्रावधानों से जुड़ा मसला होने के कारण इसे संविधान पीठ के पास भेज दिया है। इस मामले में केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को आठ हफ्ते में अपना-अपना पक्ष या सुझाव रखने के लिए कहा है।
पीठ ने कहा कि चूंकि इस मसले को लेकर सभी राज्यों को नोटिस जारी किया गया है लिहाजा निर्वाचन आयोग को भी नोटिस जारी किया जाना चाहिए। पीठ ने रजिस्ट्री से निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।