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जाटों को साधने के लिए भाजपा दिला रही मुजफ्फरनगर दंगों की याद

Mon, 06 Feb 2017 11:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
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मुजफ्फर नगर सांप्रदायिक दंगे के साये में हुए लोकसभा चुनाव में जाटों के एकजुट समर्थन से पश्चिम उत्तर प्रदेश में जबर्दस्त जीत दर्ज करने वाली भाजपा विधानसभा चुनाव में भी इसी दंगे को मुद्दा बना कर इस बिरादरी को साधने की मुहिम में जुट गई है।
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इस क्षेत्र के 19 जिलों और 90 विधानसभा सीटों पर आबादी के हिसाब से 22 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाली इस बिरादरी को हर हाल में अपने साथ जोड़े रखने के लिए पार्टी ने 15 टिकट बांटे हैं। चूंकि यूपी चुनाव के बीच ही हरियाणा में जाट आरक्षण के मुद्दे ने नए सिरे से तूल पकड़ लिया है। 

ऐसे में पार्टी वर्ष 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान इस बिरादरी के लोगों की हुई हत्या, उत्पीड़न मामले को जोर शोर से प्रसारित करने के साथ ही मोदी सरकार द्वारा इस बिरादरी को दिए गए महत्व का प्रचार कर रही है। गौरतलब है कि इस दंगे में इस बिरादरी के 16 लोगों की जान गई थी, जबकि 6 हजार से अधिक लोगों पर संगीन मामलों में एफआईआर दर्ज किए गए थे।
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हिंसक आरक्षण आंदोलन में कई लोग मारे गए

- फोटो : फाइल फोटो
दरअसल पश्चिम उत्तर प्रदेश के लिए पार्टी के कान तब खड़े हुए जब 8 जनवरी को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले जाट बिरादरी के 35 खापों की हुई बैठक में भाजपा के खिलाफ फरमान जारी हुआ। इसी बीच हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन को नए सिरे से धार दे दी गई। 

चूंकि हरियाणा में बीते वर्ष हुए हिंसक आरक्षण आंदोलन में इस बिरादरी के कई लोग मारे गए। इसके बाद इस बिरादरी के सैकड़ों लोगों पर मामले भी दर्ज किए गए। हरियाणा का जाट आरक्षण का मामला कहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश में बड़ा मुद्दा ना बन जाए। 

ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने न सिर्फ अन्य पार्टियों की तुलना में इस बिरादरी को ज्यादा टिकट बांटा, बल्कि जाट बनाम मुसलमान हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान जाट बिरादरी के सामने आई मुसीबत को जोरशोर से उठाना शुरू किया। 

इसके अलावा पार्टी ने जाट आरक्षण मामले में भी अपनी ओर से तर्क देने की मुहिम शुरू की। इसक तहत इस बिरादरी को याद दिलाया जा रहा है कि इस बिरादरी को उत्तर प्रदेश में आरक्षण का लाभ तब मिला, जब राज्य में पार्टी की (रामप्रकाश गुप्त) की सरकार थी।
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जाटों को साधने के लिए दिया जा रहा है तर्क

- फोटो : amar ujala
-आजादी के बाद पहली बार जाट बिरादरी के 17 सांसद, इनमें से 4 मोदी सरकार में मंत्री
- पार्टी ने चुनाव में सबसे अधिक 15 लोगों को दिया टिकट
-मुजफ्फरनगर दंगे में पीड़ित जाटों को सिर्फ भाजपा ने ही दिया तन मन धन से सहयोग
-कांग्रेस ने 60 के दशक में चौधरी चरण सिंह को नहीं बनने दिया यूपी का सीएम
-कांग्रेस ने ही पीएम बनने के बाद चरण सिंह को बहुमत सिद्घ करने का नहीं दिया मौका
- जाटों को यूपी, राजस्थान और दिल्ली में भाजपा सरकारों ने ही दिलाया आरक्षण
-केंद्रीय स्तर पर आरक्षण के लिए मोदी सरकार कर रही है अदालत में ठोस पैरवी
-अदालत के कारण अटका हरियाणा में आरक्षण का मामला
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