नेपाल का प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली विदेश यात्रा के तहत बुधवार को नई दिल्ली पहुंच रहे पुष्प कमल दहल प्रचंड के सकारात्मक संदेश के बावजूद भारत बेहद सतर्क है। नए संविधान पर दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों में आई खटास के कारण भारत नेपाल के संदर्भ में अपने पत्ते खोलने से पहले प्रचंड का रुख भांप लेना चाहता है।
हालांकि, प्रचंड ने अपनी भारत यात्रा से पूर्व उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के जरिए संविधान सहित सभी विवादों को मिल जुल कर सुलझाने का संदेश दिया है। प्रचंड के चार दिवसीय भारत यात्रा से पहले नेपाल के विदेश मंत्री डॉ प्रकाश शरण महत रविवार से तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।
सोमवार को उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात कर संविधान विवाद के साथ-साथ ऊर्जा, सड़क-परिवहन सहित अन्य क्षेत्रों में नेपाल में भारत की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की।