भोजन की थाली। (सांकेतिक तस्वीर)
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कहीं देखें तो भोजन की थाली भरी हुई है और समझ नहीं आता कि क्या खाएं, क्या न खाएं। वहीं कुछ ऐसे लोग भी मौजूद हैं, जो बस इस इंतजार में रहते हैं कि कहीं से थाली में कुछ आ जाए। यह समस्या मात्र भारत की नहीं, अपितु संपूर्ण विश्व की है। लेकिन जो सक्षम हैं, उनके लिए यह न चिंता का विषय है, न ही कोई सुधार का। उनका मानना है कि गाज तो सिर्फ अक्षम पर गिरती है। लेकिन जो भोजन की बर्बादी कर रहे हैं, उन्हें यह एहसास भी नहीं है कि वे स्वयं अपने भविष्य को अंधकारमय बना रहे हैं।