तिरुपति के लड्डू का 300 साल पुराना राज
- फोटो : BBC
भारत के सबसे अमीर मंदिर तिरुमला तिरुपति के विश्व प्रसिद्ध लड्डू के प्रसाद को पाना आसान काम नहीं है। यहां के लड्डू को खाने के लिए आपको ज्यादा पैसा खर्च करने की ज़रूरत तो नहीं पड़ती क्योंकि पहले दो लड्डुओं की क़ीमत रियायती दर पर 10 रुपए प्रति लड्डू है। ग्राहकों को दूसरे दो लड्डू 25 रुपए प्रति लड्डू के हिसाब से खरीदने की अनुमति है। यहां 'अनुमति' शब्द का मैंने जानबूझ कर इस्तेमाल किया है। इसके कुछ मायने हैं।
वाकई में लड्डू पाने के लिए आपको लंबी कतार में खड़े होकर हाईटेक कूपन लेना होता है। इसमें सुरक्षा कोड और बायोमेट्रिक विवरण जैसे, चेहरे को पहचानना वगैरह मौजूद होते हैं। इसके बाद कार्यकर्ता एक-एक टिकट की वैधता और लौटाए गए पैसे की जांच करते हैं।
तब जाकर कहीं जाकर आपको इस लड्डू को पाने की इजाज़त मिल पाती है। यहां मिलने वाले लड्डू को चने के बेसन, मक्खन, चीनी, काजू, किशमिश और इलायची से बनाया जाता है। इस लड्डू को बनाने का तरीका तीन सौ साल पुराना है, जो कि एक राज़ है। सिर्फ कुछ रसोइयों को ही इसे बनाने का सम्मान और ज़िम्मेदारी दी गई है।
वे इसे मंदिर के गुप्त रसोईघर में तैयार करते हैं। इस रसोईघर को 'पोटू' कहते हैं। यहां हर दिन तीन लाख लड्डू तैयार होते हैं। लड्डू की अवैध बिक्री को रोकने के लिए इन उच्च सुरक्षा मापदंडों को अपनाया गया है। लड्डू को एक तय मानक के हिसाब से तैयार किया जाता है।