सुप्रीम कोर्ट ने गूगल, याहू और माइक्रोसॉफ्ट सर्च इंजन को प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण(पीएनडीटी) से संबंधित विज्ञापनों की पहचान कर उसे हटाने के लिए तत्काल विशेषज्ञों की कमेटी बनाने के लिए कहा है। शीर्ष अदालत ने सभी सर्च इंजन से कहा कि आप देश के कानून का उल्लंघन नहीं कर सकते। अदालत ने दो टूक कहा कि आपको हर हालत में भारतीय कानून को मानना पड़ेगा।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ को सर्च इंजन की यह दलील नागवार गुजरी कि उनके लिए पीएनडीटी से संबंधित विज्ञापनों को पूरी तरह से हटाना संभव नहीं है। पीठ ने कहा कि भारतीय कानून का पालन करते हुए सभी सर्च इंजन को पीएनडीटी से संबंधित विज्ञापनों को हटाना होगा।
पीठ ने सभी कंपनियों से सवाल किया कि आखिर वे पीएनडीटी को लेकर भारतीय कानूनी प्रावधान को मानने के प्रति सुस्त क्यों हैं, जबकि यह देखा गया है कि यहीं कंपनियां दूसरे देशों में इस तरह के कानूनों का पालन कर रही हैं।