वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंटी, बीतें 70 सालों में कालाधन के खिलाफ लिया गया सबसे बड़ा फैसला है। इस फैसले से देश को आने वाले समय में काफी फायदा मिलेगा और सिर्फ कुछ सांसद ही फैसले का विरोध कर रहें हैं। वित्त मंत्री ने यह बातें फिक्की की 89वीं वार्षिक आम बैठक में कहीं।
जेटली ने कहा, 'नोटबंदी का फैसला एक साहसिक फैसला है। अगर हम कम समयावधि की कुछ असुविधाओं को सहन कर लें तो यह तय है कि देश को लंबे समय में काफी फायदा होने वाला है।'
नोटों की कमी से उपजी समस्या पर बोलते हुए उन्होंने कहा, 'बाजार में नए नोटों को पूरी तरह से आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। आरबीआई पूरी शमता से काम कर रहा है और बहुत जल्द ही वह इसे पूरा करने में सक्षम हो जाएगी।'
जीएसटी पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा, 'जीसएटी बिल पास होना हमारे सरकार की सबसे बड़ी कामयाबी है। आदर्शत: जीएसटी को 1 अप्रैल, 2017 से लागू हो जानी चाहिए। साथ ही सितंबर 2017 से मौजूदा टैक्स व्यव्स्था समाप्त हो जाएगी।