बिहार में भागलपुर जिले के वीरेंद्र मंडल के पिताजी की तबीयत अचानक खराब हो गई। नवगछिया के इस्माइलपुर में रहने वाले वीरेंद्र के पिता ने पेट में दर्द और सांस फूलने की शिकायत की। घर से बाहर बाढ़ का पानी था। रिंग बांध टूटने के कारण नवगछिया से सड़क संपर्क टूट चुका है। नवगछिया शहर भी बाढ़ की चपेट में है। ऐसे में वीरेंद्र की दिक्कत यह थी कि वे अपने बीमार पिता को अस्पताल कैसे ले जाएं।
बात घर से बाहर निकली तो गांव के सुरेश मंडल, भादो मंडल और मंगलेश यादव ने वीरेंद्र को धैर्य रखने को कहा। गांव के कुछ लड़कों ने ट्रक के दो ट्यूब में हवा भरी। हवा भरे ट्यूब को दो किनारे करने के बाद उसके ऊपर बांस की करची से बैठने लायक जगह बनाई गई। फिर उसके ऊपर चौकी लादकर बना लिया 'वाटर एंबुलेंस'। वीरेंद्र मंडल के 65 वर्षीय पिता खोका मंडल उस पर चढ़ने से डर रहे थे। गांव के लोगों ने समझाया तो उस पर चढ़ने को तैयार हुए।
10 मिनट तक जुगाड़ कर के बनाए गए एंबुलेंस के सहारे गंगा की लहरों पर चलने के बाद इस्माइलपुर के युवाओं ने उन्हें सूखी जगह तक पहुंचा दिया। वहां से टेंपो पर उन्हें भागलपुर सदर अस्पताल लाया गया। यहां उनका इलाज किया जा रहा है। अब वे स्वस्थ हैं। बाढ़ का पानी घटने पर अपने गांव वापस लौट जाएंगे।