यमुना में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से बाढ़ की आशंका के मद्दनेजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और डूब क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में जुटा है। दिल्ली में कई जगह अस्थायी शिविर बनाए गए हैं। मंगलवार को सुबह ही जलस्तर 206 मीटर तक पहुंच गया है क्योंकि हथिनी कुंड बैराज से अभी भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
प्रशासन के मुताबिक मयूर विहार, प्रीत विहार और गांधी नगर जिलों के तहत आने वाले खादर क्षेत्र से तीन दिनों में 10 हजार लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।
इन क्षेत्रों में डीएनडी फ्लाईओवर मयूर विहार एक्सटेंशन खेती क्षेत्र, नर्सरी पुश्ता मयूर विहार खादर क्षेत्र, अक्षरधाम मंदिर के पीछे का यमुना क्षेत्र, यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन का से जुड़ा खादर क्षेत्र, आईटीओ ब्रिज खादर क्षेत्र, हाथी ठोकर नंबर 10 और 11, ठोकर नंबर-12 शकरपुर, ठोकर 13, 14 और 15, गीता कॉलोनी ठोकर 16, 17, 18 और 21 शामिल हैं। पूर्वी जिला प्रशासन के मुताबिक यमुना से सटे इलाकों में 37 बोटे और 250 बचाव कर्मी तैनात किए गए हैं। बोट के जरिए यमुना क्षेत्र में निगरानी रखी जा रही है।
नर्सरी पुश्ता पर 50 परिवारों को नहीं मिले शिविर
मयूर विहार नोएडा लिंक रोड पर करीब 50 परिवरों को प्रशासन की ओर से कोई सुविधा नहीं मिल पाई है। ये लोग डीएनडी क्षेत्र में हैं। यहां पर रह रही रानी देवी ने बताया कि सभी लोगों ने खुद की तिरपाल लगाकर रहने की व्यवस्था की है।
उन्हें न तो खाना मिल रहा और अन्य सुविधाएं। ठोकर 21 का निरीक्षण करते वक्त एडीएम ईस्ट दिल्ली अजय कुमार ने बताया कि हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण देर रात तक जल स्तर 206.50 से ऊपर तक पहुंचने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि अगर हरियाणा से पानी छोड़ने में कमी आती है तो यमुना के जल स्तर में गिरावट आएगी, लेकिन जब तक जल स्तर खतरे के निशान से नीचे नहीं आता तक तब विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिविर नहीं मिल सके हैं उन्हें भी जल्द शिविर मिल जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को ब्रेकफास्ट, भोजन, पानी, मोबाइल शौचालय, चिकित्सा सुविधा और बिजली की सुविधा दी जा रही है।
यमुना में फंसे लोग, राहतकर्मियों ने निकाला
यमुना के बढ़ते जल स्तर के कारण बुराड़ी इलाके में रविवार को पानी में फंसे 7 बच्चे, 6 महिलाएं और 2 पुरुषों को राहत कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दूसरी ओर बवाना इलाके में राजविहार निवासी आशा पत्नी राम असल नहर में डूब गई। इसकी खबर मिलते ही गोताखोरों ने महिला को कड़ी मशक्कत से सकुशल बाहर निकाला। फिलहाल उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। प्रशासन यमुना खादर क्षेत्र में अभी तक रह रहे लोगों को बाहर निकलने में जुटा हुआ है।