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Remal Aftermath: असम समेत पांच राज्यों के लाखों लोग प्रभावित, PM ने ली जानकारी; कई जगह रेल-सड़क यातायात ठप

Fri, 31 May 2024 02:12 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली / गुवाहाटी

सार

चक्रवात रेमल के बाद असम के अलावा मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल पर भी खराब मौसम की मार पड़ी है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात रेमल के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून निर्धारित समय से पहले ही असम समेत पूर्वी क्षेत्रों में प्रवेश कर गया है। प्राकृतिक आपदा प्रभावित राज्यों के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जानकारी ली है। उन्होंने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
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असम समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में रेमल के बाद प्राकृतिक आपदा - फोटो : पीटीआई / एएनआई
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विस्तार
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चक्रवात रेमल के कारण असम में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के कारण नौ जिलों के दो लाख से अधिक लोग प्रभावित है। मंगलवार से अब तक करीब छह लोगों की मौत हो गई है। राज्य का 3238.8 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है। जबकि, 2,34,535 पशु प्रभावित हुए हैं। कई जगहों में ब्रह्मपुत्र और बराक नदियों के साथ-साथ उनकी सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

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इन नौ जिलों के हालात खराब
रेमल के कारण नागांव, करीमगंज, हैलाकांडी, पश्चिम कार्बी आंगलोंग, कछार, होजई, गोलाघाट, कार्बी आंगलिंग और दीमा हसाओ जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मेघालय के लुम्स्लम क्षेत्र में भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-6 का 20 मीटर हिस्सा बह गया है। इस वजह से कछार, करीमगंज और हैलाकांडी जिलों का राज्य के अन्य हिस्सों और पूर्वोत्तर क्षेत्र से सड़क संपर्क टूट गया है। कई वाहन फंसे हुए हैं। बाढ़ से सबसे ज्यादा 1,12,246 लोग कछार में प्रभावित हैं। वहीं, करीमगंज में 37,000, होजाई में 22,058 और हैलाकांडी में 14,308 लोग प्रभावित हैं।

रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द किया
रेमल की मार झेल रहे पूर्वोत्तर की बराक घाटी (असम) में बाढ़ से रेल और सड़क संचार बाधित होने की खबर है। बराक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सिलचर शहर के कई इलाकों में बाढ़ और चक्रवात रेमल के बाद लगातार बारिश के कारण हालात और भी दयनीय हो गए हैं। रेलवे ने बताया कि सिलचर-गुवाहाटी एक्सप्रेस और गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेन, साथ ही सिलचर-रंगिया एक्सप्रेस और रंगिया से चलने वाली ट्रेन शुक्रवार के साथ शनिवार को भी रद्द रहेंगी। गुवाहाटी-मरियानी बीजी एक्सप्रेस, गुवाहाटी-लुमडिंग स्पेशल, गुवाहाटी-लेडो इंटरसिटी एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़-गुवाहाटी नागालैंड एक्सप्रेस और शोखुवी-नाहरलागुन डोनी पोलो एक्सप्रेस को भी रद्द करना पड़ा है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने प्राकृतिक आपदा प्रभावित राज्यों के बारे में जानकारी ली
आध्यात्मिक प्रवास पर कन्याकुमारी में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात रेमल के बाद प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे राज्यों के बारे में जानकारी ली। पीएम मोदी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल- एक्स पर जारी संदेश के मुताबिक उन्होंने असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में चक्रवात रेमल के बाद आईं प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री को प्रभावित इलाकों के बारे में जानकारी दी।

एक ही परिवार के चार लोगों की मौत; शव बरामद
मेघालय में राज्य आपदा बचाव बल (एसडीआरएफ) ने पूर्वी खासी हिल्स जिले के नोंगप्रियांग गांव में तीन लोगों के शव बरामद किए। इसी के साथ बारिश के कारण हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई। सोहरा सिविल उपविभाग अधिकारी सलोनी वर्मा ने बताया, कि चारों मृतक एक ही परिवार के सदस्य हैं। 30 मई को घर के साथ बह गए चारों की पहचान फिसर नोंग्रुम (75 वर्ष), किन्माव सिंगाई (70 वर्ष), बेंटी रियातम (60 वर्ष) और लुमलांग रियातम (16 वर्ष) के रूप में हुई है।

110 राहत शिविरों में लाखों लोगों ने ली शरण

असम के बाढ़ग्रस्त इलाकों का मंजर - फोटो : पीटीआई
जानकारी के अनुसार, 35,640 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उन्होंने 110 राहत शिविरों में शरण ले रखी है। शरणार्थियों में सबसे अधिक 19,646 लोग होजाई में और कछार में 12,110, हैलाकांडी में 2060 और करीमगंज में 1,613 लोग प्रभावित है। बराक घाटी के तीन जिले - कछार, हैलाकांडी और करीमगंज - के साथ-साथ दीमा हसाओ और होजाई सबसे अधिक प्रभावित हैं।



 

खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदियां

असम के बाढ़ग्रस्त इलाकों का मंजर - फोटो : पीटीआई
बराक घाटी और दीमा हसाओ के कुल चार जिलों में जनजीवन ठप्प हो गया है। गुरुवार को अन्य प्रभावित जिलों से रुक-रुक कर बारिश और आंधी की खबरें आई हैं। करीमगंज, कछार और हैलाकांडी जिलों में बराक नदी और उसकी सहायक नदिया, जैसे- लोंगई, कुशियारा, सिंगला और कटखाल कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। करीमगंज में चार तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 
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आईएमडी की चेतावनी; भारी बारिश और आंधी की चेतावनी

असम के बाढ़ग्रस्त इलाकों का मंजर - फोटो : पीटीआई
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात रेमल के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून निर्धारित समय से पहले ही असम समेत पूर्वी क्षेत्रों में प्रवेश कर गया है। आईएमडी ने अगले दो दिनों में गोलपारा, बोंगाईगांव, सोनितपुर, विश्वनाथ, डिब्रूगढ़, करीमगंज, कछार, हैलाकांडी, दीमा हसाओ, धुबरी और दक्षिण सलमारा जिलों में भारी वर्षा और आंधी की चेतावनी दी है।
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