बांग्लादेश में पहले देशव्यापी हिंसा फिर राजनीतिक संकट और प्रकृति के कहर के बाद अब अल्पसंख्यकों और इस्कॉन को निशाना बनाए जाने के बाद कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा बदलाव ये है कि बांग्लादेश के कोलकाता आने वाली उड़ानों की संख्या में भारी कमी आयी है।
बांग्लादेश पिछले छह महीने से कई अलग-अलग उठापटक से गुजर रहा है। मौजूदा समय में हिंदुओं और इस्कॉन को निशाना बनाए जाने की जोरदार आलोचना हो रही है। वहीं इन सभी संकट के बीच पिछले कुछ महीनों में पड़ोसी देश से कोलकाता की ओर आने वाली उड़ानों की संख्या में लगातार कमी आ रही है और यात्रियों की संख्या भी घट रही है।
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भारत की एक एयरलाइन कोलकाता-ढाका की उड़ान की रद्द
मामले में एनएससीबीआई हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि भारत की एक एयरलाइन ने भी कोलकाता और ढाका के बीच उड़ान सेवा शुरू करने की अपनी योजना को फिलहाल रद्द कर दिया है। अधिकारियों की तरफ से ये बताया कि पड़ोसी देश की निजी विमानन कंपनी 'यूएस-बांग्ला एयरलाइंस' की तरफ से संचालित कोलकाता आने वाली उड़ानों की संख्या जुलाई महीने में 84 थी, लेकिन नवंबर महीने में यह घटकर 24 रह गई।
दो एयरलाइनों की उड़ानों में आई भारी कमी
कोलकाता हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार 'यूएस-बांग्ला एयरलाइंस' के विमानों की तरफ से जुलाई महीने में कुल 7,391 यात्री कोलकाता आए थे, जबकि नवंबर महीने में केवल 1,646 यात्री ही यहां आए। जबकि कोलकाता से बांग्लादेश की ओर जाने वाली उड़ानों की संख्या की भी यही स्थिति है। अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह, पड़ोसी देश की राष्ट्रीय विमानन कंपनी 'बिमान बांग्लादेश' ने जुलाई में कोलकाता के लिए 59 उड़ानें संचालित की थीं और नवंबर में यह संख्या घटकर 28 रह गई। हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि इंडिगो के बांग्लादेश से आने वाले विमानों की संख्या भी 62 से घटकर 44 रह गई है।
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उड़ानों में कमी के कारण पर्यटन भी हो रहा प्रभावित
वहीं उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, बांग्लादेश में इस साल जुलाई-अगस्त से जारी संकट के कारण उड़ान परिचालन में कमी आई है। 'ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (टीएएफआई) के पूर्वी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले समिति सदस्य अनिल पंजाबी ने बताया कि, 'पर्यटन पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके के दुकानदार, सदर स्ट्रीट समेत शहर के मध्य भाग के होटल, ट्रैवल एजेंट और दूसरे व्यवसायी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।