यात्रियों के लिए सिरदर्द बनी फ्लेक्सी किराए से राहत मिल सकती है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इसमें बदलाव करने की बात कही है। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्वनी लोहानी के नेतृत्व में भी कामर्शियल विभाग की समीक्षा बैठक की गई है।
इसके साथ ही गोयल ने इस साल एक नवंबर से 700 ट्रेनों की गति बढ़ाने और 48 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपरफास्ट ट्रेन में तब्दील करने की घोषणा की। इन ट्रेनों को सुपरफास्ट में बदलने से उनके किराए में बढ़ोतरी होगी।
गोयल ने बृहस्पतिवार को रेल मंत्रालय को लेकर अपनी परिकल्पना पेश करते हुए थ्री एस (सेफ्टी, स्पीड और सर्विस) पर विशेष बल देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि रेल मुसाफिरों की सुरक्षा और रेलवे की संरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।
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इस साल 540 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हासिल करने वाली फ्लेक्सी किराया स्कीम में बदलाव का संकेत देते हुए कहा कि कई लोग उनसे इसकी शिकायत कर चुके हैं। इसमें बदलाव लाते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि यह यात्रियों की जेब पर भारी न पड़े और सरकार को राजस्व का नुकसान भी न हो।
उन्होंने फ्लेक्सी किराए में राहत की बात तो की लेकिन उपनगरीय ट्रेनों के किराए पर नियामक आयोग बनाने का भी जिक्र किया। इसके मद्देनजर कयास लगाया जा रह है कि उपनगरीय रूटों पर चलने वाली पैसेंजर, इंटरसिटी, डेमू और मेमू ट्रेनों के किराए में वृद्धि हो सकती है। हालांकि रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने किराए में बढ़ोतरी पर कहा कि फिलहाल ऐसा कोई विचार नहीं है। शुक्रवार को गोयल मुंबई में 100 उपगनरीय ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे।
गोयल ने कहा कि तय समय में 5000 मानवरहित क्रासिंग खत्म किए जाएंगे। अगले साल से सभी कोच लिंक हॉफमैन बुश वाले बनने लगेंगे। अब देश में ही ट्रेन सेट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही एक ट्रेन सेट कोच फैक्ट्री में तैयार कर लिया जाएगा। यह ट्रेन सेट 160-200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेगी। टेल्गो ट्रेन चलाने के संबंध में कहा कि इस पर रिपोर्ट मांगी गई है।