केरल के पुत्तिंगल देवी मंदिर की प्रबंध कमेटी के पांच सदस्यों ने मंगलवार सुबह सरेंडर कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष जयालाल, सचिव जे कृष्णनकुट्टी, शिवाप्रसाद, सुरेंद्रन पिल्लई और रविंद्रन पिल्लई ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या की कोशिश) और 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के अलावा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा चार के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में अब तक मंदिर के 7 अधिकारियों सहित 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
केरल के पुत्तिंगल देवी मंदिर में आतिशबाजी के लिए इस्तेमाल किए गए पटाखों में जिन विस्फोटक पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था, उसे भी हादसे की जगह के पास से ही बरामद कर किया गया है। विस्फोटक को वहां से हटा दिया गया है। केरल हाईकोर्ट ने तेज आवाज करने वाले पटाखों को सूरज निकलने के बाद से सूरज ढलने तक बैन कर दिया है।
केरल के कोल्लम जिले के पुत्तिंगल देवी मंदिर परिसर में रविवार तड़के पटाखों के ढेर में आग लग गई थी। इस हादसे में 100 से भी अधिक लोग मारे गए थे, जबकि 350 से भी अधिक लोग घायल हो गए थे।
केरल के पुत्तिंगल देवी मंदिर में आग हादसे के एक दिन बाद जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार प्रतिबंध के आदेश के बावजूद यहां विस्फोटक पदार्थ संबंधी मानकों की अवहेलना और बड़े पैमाने पर बुनियादी सावधानियों का उल्लंघन किया गया।