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कर्नाटक: संकट में कुमारस्वामी सरकार, कांग्रेस-जेडीएस के 13 विधायकों ने दिया इस्तीफा

Sat, 06 Jul 2019 10:19 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
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विधानसभा अध्यक्ष से मिलने पहुंचे विधायक - फोटो : ANI
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कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन के 13 विधायकों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपने से राज्य में मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली महज साल भर पुरानी सरकार खतरे में पड़ गई है। यदि इन विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है तो सत्तारूढ़ गठबंधन (जिसके 118 विधायक हैं) 224 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत खो देगा। वहीं, भाजपा के 105 विधायक हैं।

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कांग्रेस और जद (एस) के विधायकों के समूह के अपना इस्तीफा सौंपने के लिए विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) के कार्यालय पहुंचने और बाद में राजभवन में राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात करने के बाद गठबंधन सरकार की स्थिरता का संकट गहरा गया है। दरअसल, हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में राज्य में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बाद से गठबंधन सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे थे।

राज्यपाल से मिलने के बाद जद(एस) विधायक ए एच विश्वनाथ ने कहा कि आनंद सिंह सहित कांग्रेस और जद(एस) के 14 विधायकों ने अपना इस्तीफा (विधानसभा की सदस्यता से) स्पीकर को सौंपा है, हम इस विषय को राज्यपाल के संज्ञान में भी लाए हैं। 
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हालांकि, विधानसभा सचिवालय सूत्रों ने बताया कि कुल 13 विधायकों ने अपना इस्तीफा सौंपा है, जिनमें आनंद सिंह भी शामिल हैं जिन्होंने इस हफ्ते की शुरुआत में स्पीकर से मिलने के बाद अपना इस्तीफा सौंपा था। 

विश्वनाथ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी नीत गठबंधन सरकार अपना कर्तव्य निभाने में नाकाम रही। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि इस बगावत के पीछे भाजपा का हाथ है। उन्होंने कहा कि सरकार विधायकों के साथ तालमेल बैठाने में नाकाम रही। वह लोगों की उम्मीदों पर भी खरा नहीं उतर पाई। 

इस आरोप पर कि भाजपा ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए राज्य सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है, उन्होंने कहा कि यह आपकी मनगढ़ंत बात है। उन्होंने कहा कि इसका कोई भाजपाई पहलू नहीं है। हम सभी वरिष्ठ हैं। कोई ऑपरेशन नहीं हो सकता, हम सरकार की उदासीनता के खिलाफ स्वेच्छा से इस्तीफा दे रहे हैं। 

 

जानिए अब तक क्या क्या हुआ --

कांग्रेस-जेडीएस के 10 विधायक मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे। 






इस्तीफा देने वाले विधायक विमान से गोवा जा रहे हैं। 
 


भाजपा नेता बीएस येदुरप्पा ने कहा- मैं और मेरी पार्टी को इससे कोई मतलब नहीं है कि दूसरी पार्टियों में क्या हो रहा है। 
 


कर्नाटक संकट पर एच डी देवेगौड़ा ने कहा- विधायकों के इस्तीफे पर कुछ नहीं कहूंगा, मैं पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों में व्यस्त हूं। 
 


विधायक एच विश्वनाथ ने कहा- अब तक 14 विधायकों ने इस्तीफा दिया है, हमने राज्यपाल से मुलाकात की है। स्पीकर से अनुरोध किया है कि वह हमारे इस्तीफा स्वीकार करे। 
 


इस्तीफा देने वाले कांग्रेस-जेडीएस के विधायक राजभवन पहुंचे। 
 




विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार ने कहा- मैं घर गया हुआ था इसलिए ऑफिस में कह दिया था कि विधायकों का इस्तीफा रखें, 11 विधायकों ने इस्तीफा दिया है। कल रविवार है इसलिए मैं ये मामला सोमवार को देखूंगा। 
 


समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जेडीएस विधायकों बी सी पाटिल, एच विश्वनाथ, नारायण गौड़ा, शिवराम हेब्बर, महेश कुमाथली, गोपालैया, रमेश जरकिहोली और प्रताप गौड़ा पाटिल
ने स्पीकर ऑफिस में सेक्रेटरी को इस्तीफा सौंपा। 
 


हालांकि, मंत्री डीके शिवकुमार ने दावा किया कि कोई भी विधायक इस्तीफा नहीं देगा। 
 


स्पीकर से मिलने पहुंचे कांग्रेस और जेडीएस के छह विधायक। 
 




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मेरी उपेक्षा हुई 

कांग्रेस विधायक रामलिंगा रेड्डी ने कहा, 'मैं यहां विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए आया हूं। मैं अपनी बेटी (कांग्रेस विधायक सौम्या रेड्डी) के बारे में नहीं जानता। वह एक स्वतंत्र महिला है। मैं पार्टी में किसी के ऊपर या हाई कमान पर कोई आरोप नहीं लगाना चाहता। मुझे लगता है कि कुछ मुद्दों पर कहीं न कहीं मेरी उपेक्षा की जा रही है। इसी कारण मैंने यह फैसला लिया है।'

कोई नहीं देगा इस्तीफा

आठ विधायकों के विधानसभा अध्यक्ष से मिलने के बाद मंत्री डीके शिवकुमार ने बंगलूरू में एक आपातकालीन बैठक बुलाई। जिसमें शामिल होने के लिए आज विधायकों और पार्षदों को बुलाया गया है। शिवकुमार ने विधायकों के संभावित इस्तीफे को लेकर कहा, 'कोई इस्तीफा नहीं देगा। मैं उनसे मिलने के लिए आया हूं।'  

लोगों के साथ हुआ अन्याय

कांग्रेस विधायक बीसी पाटिल ने विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय से बाहर जाते हुए कहा, 'मेरे निर्वाचन क्षेत्र के साथ अन्याय हुआ है। उत्तरी कर्नाटक के लोगों के साथ अन्याय हुआ है।'

गठबंधन को जनता ने नकारा

भाजपा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, 'कांग्रेस जेडीएस गठबंधन को कर्नाटक के लोग नकार चुके हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान उनके गठबंधन के बावजूद भाजपा को यहां मजबूत जनाधार मिला है। यह साफ तौर पर लोगों का रुख बताता है। विधायक निश्चित रूप से गठबंधन के खिलाफ जनता के गुस्से का खामियाजा भुगत रहे हैं।'


दो विधायक दे चुके हैं इस्तीफा

इससे पहले बेल्लारी जिले के विजयनगर से कांग्रेस विधायक आनंद सिंह और रमेश जरकीहोली ने अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को अपना त्यागपत्र सौंप दिया था। जिसके बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने बंगलूरू में अपने आवास पर बैठक बुलाई थी।

अमेरिका में हैं कुमारस्वामी

विधायकों ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी अमेरिका में हैं और वह आठ जुलाई को राज्य वापस लौंटेंगे। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा साफ कर चुके हैं कि उन्हें भाजपा नेतृत्व ने ऑपरेशन लोटस में शामिल न होने का निर्देश दिया है क्योंकि उनका मानना है कि गठबंधन सरकार खुद ही गिर जाएगी।
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