पश्चिम बंगाल में फिल्मी स्टाइल में फर्जी अधिकारी बनकर छापेमारी करने का मामला सामने आया है। बॉलीवुड फिल्म 'स्पेशल-26' की तरह कुछ लोग फर्जी आयकर आधिकारी बनकर छापेमारी कर रहे थे और लोगों से धन की उगाही कर रहे थे। अब पुलिस ने फर्जी आयकर छापेमारी के आरोप में पांच सीआईएसएफ कर्मचारियों और तीन अन्य को गिरफ्तार किया है। बिधाननगर पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है।
मामले की जांच जारी
बागुईआटी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक फर्जी आईटी छापे की शिकायत में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 18 मार्च को शुरू किए गए इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से पांच व्यक्ति सीआईएसएफ के कर्मचारी पाए गए। मामले की जांच जारी है।
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आयकर छापे की आड़ में घर में लूटपाट करने का आरोप
मामले में सीआईएसएफ की ओर से भी बयान जारी किया गया है। सीआईएसएफ के मुताबिक, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने कोलकाता पुलिस की ओर से दर्ज मामले में आंतरिक जांच शुरू कर दी है। मामले में एक महिला कांस्टेबल सहित पांच CISF कर्मियों को 26 मार्च को तीन अन्य के साथ गिरफ्तार किया गया था। इन पर कोलकाता के पास 18 मार्च को आयकर छापे की आड़ में एक घर में लूटपाट करने का आरोप है।
CISF ने कर्मियों को तत्काल किया निलंबित
बयान में कहा गया कि जांच एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जा रही है और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। सभी पांच CISF कर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम कोलकाता पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़
बिधाननगर पुलिस ने साल्ट लेक सेक्टर-5 में छापेमारी की और एक अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। इस दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 67 लाख रुपये, अन्य तकनीकी गैजेट और दस्तावेज जब्त किए गए। आरोपियों को कोर्ट ने सात-सात दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
23.94 लाख रुपये के निवेश धोखाधड़ी का मामला?
मामला 23.94 लाख रुपये के निवेश धोखाधड़ी के संबंध में एक लिखित शिकायत के आधार पर शुरू किया गया था। ये लोग संगठित तरीके से बैंक खाते खोलने में शामिल पाए गए।