ग्यारह दिन की नवजात बच्ची की खरीद फरोख्त के एक मामले में पुलिस ने उत्तर 24-परगना जिले से एक नर्सिंग होम के मालिक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में बच्ची को खरीदने का आरोपी दंपति भी शामिल है। पुलिस ने रविवार को बताया कि आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले के हाबरा में अशोक नगर स्थित नर्सिंग होम के मालिक और दो अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत से उक्त बच्ची को 60 हजार रुपये में बेचा गया था। गिरफ्तार लोगों में नर्सिंग होम का केयरटेकर और एक झोला छाप डॉक्टर भी शामिल है। इस घटना का खुलासा उस समय हुआ जब एक दंपति नवजात बच्ची के साथ हाबरा अस्पताल में पहुंचा।
बच्ची बीमार थी लेकिन कर्मचारियों के पूछने पर उक्त दंपति बच्ची के जन्म का कोई प्रमाणपत्र नहीं पेश कर सका। इस पर अस्पताल के अधिकारियों को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने जब उस दंपती से पूछताछ की तो बच्चों की खरीद फरोख्त में शामिल उक्त गिरोह का खुलासा हुआ। फिलहाल, बच्ची के असली माता-पिता का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने अदालत से नर्सिंग होम को सील करने की इजाजत मांगी है।
एक स्थानीय अदालत ने नर्सिंग होम के केयरटेकर और झोला छाप डॉक्टर को आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। बाकी तीन अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस गिरोह के बाकी सदस्यों का पता लगाने के लिए आरोपियों से पूछताछ हो रही है।