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Fishermen Missing: आंध्र प्रदेश में आठ मछुआरे लापता, 13 अगस्त को लौटना था; समुद्र में कहां गायब हुई नाव?

Tue, 18 Aug 2026 06:19 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती

सार

आंध्र प्रदेश के अंबेडकर कोनसीमा जिले से मछली पकड़ने समुद्र में गई नाव में सवार आठ मछुआरे तय समय पर वापस नहीं लौटे हैं। नाव तीन अगस्त को रवाना हुई थी और करीब 15 दिन का डीजल व राशन लेकर गई थी। मोबाइल फोन और जीपीएस भी काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर नाव कहां पहुंची और मछुआरे सुरक्षित हैं या नहीं? आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं...
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समुद्र में कहां गायब हुई नाव? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश के अंबेडकर कोनसीमा जिले में समुद्र में मछली पकड़ने गई आठ मछुआरों की नाव के लापता होने से परिवारों की चिंता बढ़ गई है। नाव ओडलारेवु से तीन अगस्त को वैनेतेय नदी और समुद्र के संगम के रास्ते रवाना हुई थी। मछुआरों के पास करीब 15 दिनों का राशन और डीजल था। उन्हें 13 अगस्त तक वापस लौटना था, लेकिन तय समय के बाद भी नाव नहीं लौटी और मछुआरों से कोई संपर्क नहीं हो पाया।

नाव में कौन-कौन सवार थे और संपर्क क्यों टूट गया?

लापता नाव को कोमारागिरी पटनम गांव निवासी कोपनाटी रामकृष्ण वर्मा चलाते हैं और वही इसके मालिक भी हैं। मत्स्य विभाग के अनुसार नाव में कुल आठ मछुआरे सवार थे। चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि नाव में लगे मोबाइल फोन और जीपीएस सिस्टम भी काम नहीं कर रहे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नाव मछली पकड़ने के लिए विशाखापत्तनम से पारादीप के बीच के समुद्री क्षेत्र की ओर गई हो सकती है।

चार दिन बाद प्रशासन को कैसे मिली जानकारी?

जब नाव तय तारीख के चार दिन बाद भी वापस नहीं आई तो नाव मालिक के परिवार ने ओडलारेवु तटीय सुरक्षा पुलिस और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कोनसीमा के जिलाधिकारी आर. महेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशाखापत्तनम स्थित भारतीय तटरक्षक बल से मदद मांगी। उन्होंने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को तुरंत तटरक्षक बल के साथ समन्वय कर खोज और बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने खोज अभियान को लेकर क्या निर्देश दिए?

  • जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नाव और मछुआरों से जुड़ी हर उपलब्ध जानकारी जुटाने को कहा है।
  • इसके लिए नाव मालिक, परिवार के सदस्यों और दूसरे मछुआरों से जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं।
  • पुलिस अधीक्षक के साथ समन्वय कर यह जानकारी तटरक्षक बल और अन्य बचाव एजेंसियों तक पहुंचाने को कहा गया।
  • प्रशासन को समुद्र में नाव की संभावित दिशा और आखिरी संपर्क से जुड़ी जानकारी जुटाने पर भी जोर है।

क्या सुरक्षित हैं आठों मछुआरे, अब किस पर टिकी नजर?

फिलहाल आठों मछुआरों की स्थिति और नाव की सही लोकेशन का पता नहीं चल पाया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पूरे मामले की लगातार निगरानी करने और मछुआरों के ठिकाने या उनकी सुरक्षा से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन को बताने का निर्देश दिया है। परिवारों की नजर अब खोज और बचाव अभियान पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि समुद्र में कई दिनों से लापता नाव आखिर कहां है और उसमें सवार आठों मछुआरे सुरक्षित हैं या नहीं।

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