कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद और मशहूर कैफे चेन सीसीडी (कैफे कॉफी डे) के मालिक वीजी सिद्धार्थ के गायब होने के 36 घंटे बाद उनका शव मिला। जानकारी के मुताबिक, सिद्धार्थ का शव मंगलूरू के हौजी बाजार के पास नेत्रावती नदी के किनारे से बरामद हुआ। जहां से शव मिला है, वहीं के एक मछुआरे ने अब दावा किया है कि उसने एक शख्स को पुल से कूदते हुए देखा था।
कोडनदरम के एसीपी ने बताया, "हमने मछुआरे सिमोन डिसौजा का बयान रिकॉर्ड कर लिया है। उसने कहा है कि जब वह मछली पकड़ रहा था तभी उसने कुछ दूरी पर एक व्यक्ति को पुल से नदी में कूदते हुए देखा था।" बता दें 60 वर्षीय सिद्धार्थ सोमवार की शाम सात बजे से उल्लाह और मंगलूरू के बीच के रोडब्रिज से लापता थे। उनके ड्राइवर ने ये बात पुलिस को बताई थी।
डिसौजा ने पुलिस को बताया, "जब मैंने नदी में कुछ गिरने की तेज आवाज सुनी तो मैं पीछे मुड़ा और एक आदमी को नदी में देखा.. जो तैरने की कोशिश कर रहा था लेकिन जब तक मैं वहां पहुंचा तब तक वो डूब चुका था। मैं उसे ढूंढ नहीं पाया क्योंकि नदी का पानी उफान पर था।"
पुलिस ने कहा कि डिसौजा ने ब्रिज पिलर नंबर आठ से शख्स को कूदते हुए देखा था और जो व्यक्ति कूदा वह सिद्धार्थ ही हो सकते हैं। उनके ड्राइवर के बयान के अनुसार उसी समय उसी जगह से वो लापता हुए थे, जहां मछुआरे ने किसी को कूदते हुए देखा था।
वहीं रितेश नाम के जिस मछुआरे को सिद्धार्थ का शव मिला था उसका कहना है, "जब मैं मछली पकड़ रहा था तब मैंने एक शव को तैरते हुए देखा। मैंने फिर पुलिस को इसकी सूचना दी। मैं जिला प्रशासन के साथ बचाव अभियान में भी कल शामिल हुआ था।"
ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि सिद्धार्थ ने गाड़ी रुकवाकर उससे कहा था कि ब्रिज के आखिर तक तुम ऐसे ही गाड़ी चलाओ और खुद उतर गए। उन्होंने ड्राइवर से कहा कि वो चलना चाहते हैं क्योंकि उन्हें कुछ फोन करने हैं। ड्राइवर ने शिकायत में कहा है, "जब बारिश शुरू हुई, तो मैंने यूटर्न लिया और जहां सर को छोड़ा था वहीं गया और उनकी तलाश की। क्योंकि वहां अधेरा था और बारिश हो रही थी, तो ना मैं उन्हें ब्रिज पर और ना नदी में ढूंढ पाया।"
सिद्धार्थ सोमवार दोपहर को बंगलूरू से हसन के पास सकलेशपुर के लिए रवाना हुए थे, जहां उनका घर और एक कॉफी एस्टेट भी है। जब वो रास्ते में थे, तभी उन्होंने ड्राइवर को गाड़ी मंगलूरू की तरफ ले जाने को कहा। बता दें सिद्धार्थ वरिष्ठ भाजपा नेता एसएम कृष्णा के बड़े दामाद हैं। कृष्णा यूपीए-2 सरकार (2009-12) के कार्यकाल में विदेश मंत्री थे और जब कांग्रेस में थे तो राज्य के (1999-2004) मुख्यमंत्री भी बने।