उत्तर प्रदेश में पहली बार मीन महोत्सव (एक्वा एक्सपो-2026) का आयोजन किया गया है। शुक्रवार को केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और पंचायती राज राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल व प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने इसका शुभारम्भ किया। इसमें देश-प्रदेश के 1000 मत्स्य पालक उपस्थित रहे, जबकि 50 प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा औद्योगिक प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाये गये। विभिन्न प्रकार के मत्स्य व्यंजनों के लिए फिश फूड कोर्ट एवं प्रोटीन जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। महोत्सव में बताया गया कि मत्स्य पालन में उत्तर प्रदेश भारत में तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। राज्य का वार्षिक मत्स्य उत्पादन गत 06 वर्षों में दोगुना होकर 13.3 लाख मीट्रिक टन हुआ है।
केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि, उन्नत पशुपालन एवं उन्नत मत्स्य पालन से ही सम्भव है। उन्होंने कृषि दर पर मत्स्य पालकों को बिजली की आपूर्ति एवं उ.प्र. में एन.एफ.डी.बी के सेन्टर खोलने की दिशा में कार्य करने को भी कहा।
प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने बताया कि राज्य में मत्स्य विकास दर 115.5 प्रतिशत है। उन्होंने अमृत सरोवरों को मछली पालन योग्य बनाने, तालाबों के पट्टे समय से दिलाने, मत्स्य पालन में विज्ञान एवं तकनीक के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने अनुदान के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान देकर मत्स्य पालकों के विकास एवं सशक्तीकरण पर जोर दिया।
अपर मुख्य सचिव मत्स्य मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में 6 लाख से अधिक जलक्षेत्र उपलब्ध हैं। मत्स्य पालक, विशेषज्ञ, उद्यमी एवं निवेशक एक साथ चर्चा कर प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से मत्स्य उत्पादन, उत्पादकता एवं किसानों की आय में वृद्धि कर सकते हैं। पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसन्धान संस्थान (दुवासु) मथुरा में मत्स्य विज्ञान पर शोध कार्य प्रारम्भ हो गया है।