सार
इससे पहले निर्वाचन आयोग ने पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखें घोषित कर दी थीं। चुनाव आयोग की अधिसूचना के मुताबिक, गुजरात की दो, केरल, पंजाब और पश्चिम बंगाल की एक-एक सीट पर उपचुनाव होने हैं।
लगभग दो दशकों में पहली बार चुनाव आयोग ने बेदाग मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए पांच निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में संशोधन किया है। अधिकारियों ने बताया कि पिछली बार 2006 में तमिलनाडु में उपचुनाव के लिए ऐसा संशोधन किया गया था। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची को हर चुनाव और उपचुनाव से पहले संशोधित किया जाना चाहिए, जब तक कि चुनाव आयोग की ओर से अन्यथा निर्देश न दिया जाए।
उन्होंने कानून का हवाला देते हुए कहा कि यदि मतदाता सूची में संशोधन नहीं किया जाता है, तो भी मतदाता सूची की वैधता या निरंतर संचालन प्रभावित नहीं होगा। विशेष संशोधन के पूरा होने तक वर्तमान मतदाता सूची की वैधता जारी रहती है। अधिकारियों ने जिक्र किया कि आवश्यकता के आधार पर यह तय करना आयोग का काम है कि मतदाता सूची में संशोधन किया जाना है या नहीं।
चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर 19 जून को उपचुनाव
चुनाव आयोग ने पिछले महीने घोषणा की थी कि चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर 19 जून को उपचुनाव होंगे। गुजरात में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे, जबकि केरल, पश्चिम बंगाल और पंजाब में एक-एक सीट पर उपचुनाव होंगे। मतगणना 23 जून को होगी।
कहां-कहां और क्यों हो रहा उपचुनाव?
- गुजरात में कादी सीट पर उपचुनाव मौजूदा विधायक करसनभाई पंजाबभाई सोलंकी के निधन के बाद जरूरी हो गया था। ऐसे ही विसावदर सीट पर एक और उपचुनाव मौजूदा सदस्य भयानी भूपेंद्रभाई गंडूभाई के इस्तीफे के कारण हो रहा है।
- केरल में नीलांबुर सीट पर उपचुनाव होगा, क्योंकि पीवी अनवर ने इस्तीफा दे दिया है।
- पंजाब की लुधियाना सीट पर मौजूदा सदस्य गुरप्रीत बस्सी गोगी के निधन के कारण उपचुनाव होगा।
- पश्चिम बंगाल में कालीगंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव मौजूदा विधानसभा सदस्य नसीरुद्दीन अहमद के निधन के कारण जरूरी हो गया है।