उन्होंने कहा कि मैं मंच से कहना चाहता हूं कि यदि युवा कांग्रेस को आगे ले जाएंगे तो यह काम वरिष्ठ नेताओं के बिना नहीं हो सकता। कांग्रेस में राहुल के नेतृत्व में नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के नेताओं के बीच तालमेल को लेकर कई बार चिंता जाहिर की जाती रही है। ऐसे में राहुल गांधी का वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलने का बयान के कई मायने हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे लिए युवा और बुजुर्ग दोनों जरूरी है। राहुल ने कांग्रेस और विपक्ष में फर्क बताते हुए कहा कि वह गुस्से का प्रयोग करते हैं लेकिन हम प्यार का प्रयोग करते हैं। हमारा देश किसी एक का नहीं है यह सभी का है। यहां सभी जाति-धर्म के लोग रहते हैं।
अधिवेशन में पार्टी अपने अगले पांच साल की दशा-दिशा तय करेगी। दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में हो रहे इस अधिवेशन में पार्टी चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित करेगी। जिसमें विदेशी, आर्थिक, बेरोजगारी और कृषि जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।