दक्षिण चीन सागर विवाद में अमेरिका सहित कई अन्य महत्वपूर्ण देशों से कूटनीतिक मोर्चे पर उलझे चीन को भारत फिर से परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता और पाकिस्तान के आतंकी मौलाना मसूद अजहर पर प्रतिबंध केलिए राजी करने की कोशिश करेगा। इस कड़ी में भारत-चीन रणनीतिक वार्ता की पहली बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर बीजिंग में 22 फरवरी को अपने चीनी समकक्ष को साधने की कोशिश करेंगे।
खास बात यह है कि अमेरिका में ट्रंप युग के आगमन के बाद भारत और चीन के बीच पहली बार महत्वपूर्ण बातचीत का सिलसिला शुरू हो रहा है। रणनीतिक वार्ता के लिए तंत्र बनाने का प्रस्ताव चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बीते साल जुलाई महीने में भारत यात्रा के दौरान रखा था। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सीमा विवाद सहित अन्य मामलों पर भी गंभीर चर्चा होगी।
गौरतलब है कि एनएसजी की सदस्यता और आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के मुखिया अजहर पर संयुक्त राष्ट्र के जरिए प्रतिबंध लगाने की कोशिशों पर चीन लगातार भारत के प्रयासों पर पानी फेरता रहा है। हालांकि अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने इन दोनों ही मामलों में अपने पूर्ववर्ती ओबामा सरकार से भी कड़ा रुख अपना कर चीन की परेशानी बढ़ाई है।