देश के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' से सबसे पहले पायलटों को भेजा जा सकता है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को संकेत दिया कि इस मिशन पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्री पायलट हो सकते हैं।
इसरो के एक वैज्ञानिक ने कहा कि उड़ान का पर्याप्त अनुभव रखने वाले लोगों की तलाश की जा रही है। मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक 'गगनयान' के माध्यम से तीन अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की घोषणा की थी।
इसरो के चेयरमैन के. सीवान ने इस संबंध में कहा कि मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के चयन में भारतीय वायुसेना और अन्य एजेंसियों की अहम भूमिका होगी। वहीं, एक अन्य वैज्ञानिक ने कहा कि इस काम में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की भी अहम भूमिका होगी।
एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इसरो के चेयरमैन सीवान ने कहा कि पहले मानवरहित 'गगनयान' को दिसंबर 2020 में भेजे जाने की योजना है। दूसरा मानवरहित यान जुलाई 2021 तक भेजे जाने की उम्मीद है और फिर अंतत: दिसंबर 2021 तक पहला मानवयुक्त गगनयान मिशन पूरा किया जाएगा।