भारत-चिली संयुक्त आयोग की पहली बैठक शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इस बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चिली के समकक्ष आंद्रेस अल्लामंद जवाला ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान विदेश मंत्री ने अपनी विदेश नीति में भारत को प्राथमिकता वाले देश के रूप में नामित करने के चिली के फैसले का स्वागत किया।
गौरतलब है कि इसी साल फरवरी के महीने में भारत और दक्षिण अमेरिकी देश चिली ने द्विपक्षीय वाणिज्यिक एवं आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिये व्यापार समझौते के विस्तार पर बातचीत शुरू की थी। दोनों देशों ने आठ मार्च, 2006 को तरजीही व्यापार समझौता (पीटीए) किया था। यह करार अगस्त, 2007 से अमल में है। दोनों देशों ने 2016 में इस करार में नए उत्पादों को शामिल कर इसका विस्तार किया।
वित्त वर्ष 2018-19 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार मामूली गिरकर 2.22 अरब डॉलर रहा था। भारत चिली को मुख्यत: परिवहन उपकरणों, दवाओं, पॉलिएस्टर धागे, टायर और ट्यूब, धातु के उत्पाद, प्रसाधन, जैविक व गैर जैविक कृषि रसायन, वस्त्र, तैयार कपड़े, प्लास्टिक के सामान, चमड़े के उत्पाद, इंजीनियरिंग के सामान, खेल-कूद के सामान, हथकरघा उत्पादों आदि का निर्यात करता है।
चिली मुख्य तौर पर भारत को तांबा अयस्क, आयोडीन, कॉपर एनोड, कॉपर कैथोड, मॉलीबडेनम अयस्क, लिथियम कार्बोनेट, धातु के कबाड़, रसायन, कागज, फल, मेवे, उर्वरक, मशीनों आदि का निर्यात करता है।