महाराष्ट्र के पुणे से 20 किलोमीटर दूर उरुली देवाची गांव में स्थित एक कपड़ा गोदाम में आज सुबह आग लग गई। इससे पांच मजदूरों की मौत हो गई। दमकल की चार गाड़ियां मौके पर भेजकर आग को काबू किया गया। वहीं घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौजूद है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार तड़के गोदाम में जब आग लगी तब एक कमरे में मजदूर सोए हुए थे। दमकल कर्मियों ने बताया कि घटना तड़के 4 चार बजे आग लगने की सूचना मिली थी। आशंका है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी है। पुलिस ने बताया कि हादसे में पांच मजदूरों की मौत हुई है, इनमें से चार राजस्थान के रहने वाले थे, जबकि एक महाराष्ट्र के ही लातूर जिले का रहने वाला था। सभी मृतक 30 साल से कम उम्र के थे।
मृतकों की पहचान राकेश रियाद (22), राकेश मेघवाल (25), धर्मराम वादियासर (25), सूरज शर्मा (25) और धीरज चांडक (23) के रूप में हुई है। धीरज चांडक लातूर का रहने वाला था।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'आग लगने के कुछ मिनट बाद दम घुटने से मजदूरों की मौत हो गई। चूंकि उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी, इसी वजह से वह 6,000 स्क्वायर फीट में बने गोदाम में ही सोया करते थे। गोदाम मालिक चोरी की आशंका के चलते बाहर से ताला लगा दिया करता था। गोदाम से जब शव बाहर निकाले गए तो उनमें से कुछ जल चुके थे।'
एक दमकलकर्मी ने कहा, 'हमें सुबह लगभग सवा चार बजे कंट्रोल रूम पर आग लगने की सूचना मिली। इसके बाद तुरंत दमकल की पांच गाड़ियों को घटनास्थल पर रवाना किया गया। इसके साथ ही आठ वाटर टैंक भी भेजे गए। गोदाम के शटर से धुआं निकल रहा था और बाहर से ताला लगा था। चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।'