राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएसकेएम में सोमवार सुबह आग लगने से मरीज और उनके परिजन आतंकित हो उठे। लेकिन इसमें किसी भी मरीज को कोई चोट नहीं आई है। बीते दो महीनों में इस अस्पताल में दूसरी बार आग लग चुकी है। इसकी सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फायर ब्रिगेड मंत्री और कोलकाता नगर निगम के मेयर शोभन चटर्जी को लेकर मौके पर पहुंचीं। उन्होंने हालात का जायजा लेने के बाद अस्पताल परिसर में स्थायी रूप से दो फायर ब्रिगेड इंजनों को तैनात करने का भी ऐलान किया।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि सुबह लगभग सवा ग्यारह बजे अस्पताल के रोनाल्ड रोज भवन की छठी मंजिल से भारी धुआं निकलता देखा गया। इससे अस्पताल परिसर में मरीज व उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड के 16 इंजनों के अलावा भारी तादाद में पुलिस के जवान मौके पर भेजे गए। मेयर शोभन चटर्जी ने बताया कि अब आग पर काबू पा लिया गया है। इससे पहले 23 सितंबर को 11वीं मंजिल पर स्थित नेत्र चिकित्सा विभाग में आग लग गई थी। उसके बाद मुर्शिदाबाद मेडिकल कालेज में लगी आग से तीन लोगों की मौत हो गई थी।
ममता ने कहा कि सरकार आग लगने की वजह की जांच कराएगी। उन्होंने आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड व पुलिस वालों की सराहना करते हुए सरकार एसएसकेएम समेत राज्य के तमाम सरकारी अस्पतालों में स्थायी तौर पर फायर ब्रिगेड इंजन तैनात करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर में स्थित तमाम इमारतों के मुआयने के भी निर्देश दिए।