महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सोमवार देर रात हुए एक भयावह हादसा हुआ था। अब इस हादसे के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में हादसे के कारणों के बारे में भी बताया गया है। इसमें कहा गया है कि समृद्धि एक्सप्रेस-वे के लिए एक वायाडक्ट के निर्माण के दौरान गर्डर लॉन्चर के गिरने से पहले उसे बिजली देने वाले खंभे से एक 'बड़ी चिंगारी' निकली थी। इसके कारण वहां गर्डर मशीन पर काम कर रहे लोग मशीन सहित नीचे गिर गए थे।
सोमवार आधी रात को हुआ था हादसा
अधिकारी ने यह भी बताया है कि यह हादसा मुंबई से लगभग 80 किलोमीटर दूर शाहपुर तहसील के सरलांबे गांव में सोमवार को आधी रात के बाद हुई थी। जब यह हादसा हुआ था तब नवयुग इंजीनियरिंग और वीएसएल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सिंगापुर द्वारा 2.28 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट का निर्माण किया जा रहा था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल मजदूरों में शामिल 33 वर्षीय प्रेमप्रकाश अयोध्या ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। वह वीएसएल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के लिए काम करता है। वीएसएल प्राइवेट लिमिटेड को नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी ने गर्डर लॉन्चर के लिए ठेका दिया था। पुलिस अधिकारी ने एफआईआर का हवाला देते हुए कहा कि उसकी शिकायत के आधार पर ठाणे जिला ग्रामीण पुलिस ने मंगलवार को नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस कंपनी को समृद्धि एक्सप्रेसवे पर पुल के लिए गर्डर लगाने का काम दिया गया था।
शिकायतकर्ता ने बताई हकीकत
अपनी शिकायत में अयोध्या ने बताया है कि 31 जुलाई को वह रात आठ बजे ड्यूटी पर पहुंचा था। उस समय वहां पर करीब 18 मजदूर, 8 से 10 इंजीनियर और कुछ सुपरवाइजर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि रात में करीबन 11 बजे जब एक गर्डर लॉन्चर मशीन पर काम चल रहा था, उसी समय अचानक गर्डर लॉन्चर को बिजली देने वाले खंभे पर एक बड़ी चिंगारी उठी। उसके कारण हम मशीन के साथ नीचे गिर गए। इस हादसे में मैं और मेरे कुछ सहकर्मी उसके नीचे फंस गए।
उसी समय पीड़ितों की चीख-पुकार सुनकर अन्य कर्मचारी और आसपास रहने वाले लोग मौके पर आए और बचाव कार्य शुरू किया गया। अयोध्या ने आरोप लगाया है कि ये हादसा उन स्थानीय ठेकेदारों की लापरवाही का नतीजा था, जिन्हें गर्डर लगाने का काम सौंपा गया था।
पहले आई थी ये जानकारी
एक अधिकारी ने बताया है कि हादसे के कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस हादसे में 10 मजदूरों सहित 20 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए थे। इससे पहले, हादसे को लेकर महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) ने पहले कहा था कि 700 टन वजनी क्रेन के साथ गर्डर लॉन्चर 35 मीटर की ऊंचाई से गिर गया था। जिसके नीचे दबने से वहां काम कर रहे लोगों की मौत हो गई थी।
नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
गौरतलब है कि पुलिस ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304-ए, (लापरवाही से मौत का कारण बनना), 337 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालकर चोट पहुंचाना), 34 (सामान्य इरादा) और अन्य के तहत एफआईआर दर्ज की है। साथ ही मामले में जांच शुरू कर दी है। इस मामले में महाराष्ट्र सरकार ने विशेषज्ञों से जांच के आदेश दिए हैं।
बता दें कि 'समृद्धि महामार्ग' का नाम बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग है। यह मुंबई और नागपुर को जोड़ता है। इसकी लंबाई 701 किलोमीटर है। यह दस जिलों नागपुर, वाशिम, वर्धा, अहमदनगर, बुलढाणा, औरंगाबाद, अमरावती, जालना, नासिक और ठाणे से होकर गुजरता है। इसके 600 किमी लंबे खंड का निर्माण पूरा हो चुका है। इस हिस्से को यातायात के लिए खोल दिया गया है, जबकि नासिक और ठाणे के बीच शेष 101 किमी लंबे खंड का काम जारी है।