conspiracy behind the Kasganj violence
मध्य प्रदेश भिंड में सोशल मीडिया के जरिए हिंसा फैलाने के मामले में दो लोगों के खिलाफ
एफआईआर दर्ज की गई है। इन लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुप में लोगों को उकसाने वाले मैसेज भेजे थे। जिसके बाद पुलिस ने इन पर
आईपीसी के तहत मुकदमा रजिस्टर कर लिया है।
बता दें कि राज्य में सोशल ममीडिया पर लोगों को उकसाने और हिंसा फैलाने के मामले में शनिवार को भी चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने राज्य के ग्वालियर में आईटी एक्ट के तहत मामला रजिस्टर किया है। इससे पहले भी सोशल मीडिया में हिंसा फैलाने को लेकर कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
गौरतलब है कि दो तारीख को दलितों ने भारत बंद किया था। इसके बाद से फेसबुक और व्हाट्सअप और ट्विटर पर हिंसा फैलाने वाले वीडियो और संदेश काफी तेजी में वायरल किए गए। जिसके बाद से पुलिस सोशल मीडिया पर पैनी नजर बनाए हुए है। खासतौर पर फेसबुक और व्हाट्सएप पर भेजने वाले संदेशों पर पुलिस का ज्यादा ध्यान दे रही है।
भारतबंद के दौरान पूरे देश में हुई हिंसा और दंगा फैलाने के मामले में पुलिस सक्रिय नजर आ रही है। इस मामले में लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं। यूपी के मुजफ्फरनगर में बसपा के जिला अध्यक्ष कमल गौतम को प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
कमल गौतम को 20 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गौतम की गिरफ्तारी पर एसएसपी ने कहा कि सबूतों से साफ है कि कमल गौतम ने पार्टी कार्यकर्ताओं को शराब बांटी और कई व्यापारियों से जबरदस्ती दुकानें बंद करवाईं।
वहीं मध्यप्रदेश में बीजेपी नेता गिरिराज जाटव को गिरफ्तार किया गया है। जाटव के बारे में जानकारी देने पर 10 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था। जाटव पर भी भारतबंद के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप है। आपको बता दें कि भारत बंद के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन में 10 लोगों की मौत के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया था।