पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का आधा सफर खत्म हो चुका है। इसबीच, कूचबिहार के माथाभांग पुलिस स्टेशन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा बलों के घेराव के लिए ग्रामीणों को अपनी चुनावी रैली के दौरान उकसाया था।
भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, कूचबिहार के जिला अध्यक्ष सिद्दिक अली मिया ने कहा, बाणेश्वर में आयोजित रैली के दौरान उनके उकसावे वाले बयान के खिलाफ बुधवार को मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनके इस बयान के कारण ही शीतलकुची की घटना हुई। माथाभांगा पुलिस स्टेशन में उन्होंने वीडियो फुटेज भी जमा कराया।
सीएम जिले के लोगों के प्रति जवाबदेह
उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों पर हमला किया था जिनमें महिलाएं भी थीं। उनका इरादा सुरक्षा बलों को चोट पहुंचाने की थी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस इस पर कुछ दिनों में कार्रवाई नहीं करती तो भाजपा राज्य भर में मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन करेगी। मिया ने कहा, इस घटना के लिए पूरी तरह से वह जिम्मेदार हैं। वह जिला के मतदाताओं के प्रति जवाबदेह हैं।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने इस घटना के बाद मतदान रद्द कर दिया था और जिले में 72 घंटे तक सभी दलों के नेताओं के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही पांचवें चरण के चुनाव में प्रचार में विराम की अवधि 48 से बढ़ाकर 72 घंटे कर दी गई।
ममता बनर्जी ने की बंगाल में तीन चरणों का चुनाव एक चरण में कराने की मांग
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बंगाल के एक निजी चैनल के कार्यक्रम में कहा कि जिस तरह से देश में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। यह चिंता का विषय है। कई उम्मीदवार संक्रमित हुए हैं। ऐसे में तीन चरणों के चुनाव को एक ही चरण में कराया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से एक साथ चुनाव कराने की अपील की।
तृणमूल सुप्रीमो ने एक बार फिर कहा कि गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से बाहर के लोग पश्चिम बंगाल में आ रहे हैं, इसकी वजह से भी राज्य में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी को नहीं पता कि पीएम केयर्स फंड में कितना पैसा आया।
कोई राज्य अगर मांग भी करता है तो उसे नहीं दिया जाता है। पीएम केयर्स के पैसे को क्यों नहीं वैक्सीन में इस्तेमाल किया गया। मैंने वैक्सीन की मांग की, ताकि राज्य में सभी लोगों को मुफ्त टीका लग सके, लेकिन प्रधानमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया।