गोवा के लॉ कॉलेज की एक सहायक प्रोफेसर के खिलाफ जानबूझकर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के गोवा ईकाई के राजीव झा सहायक प्रोफेसर शिल्पा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
राजीव झा ने अपनी शिकायत में शिल्पा सिंह की एक पोस्ट का हवाला दिया। शिकायत के मुताबिक, वह 21 अप्रैल को पण्जी के वीएम सिलगावकर कॉलेज ऑफ लॉ में राजनीतिक विज्ञान पढ़ा रही थीं। इसमें उन्होंने पितृसत्ता और सिद्धांतों को चुनौती देते हुए मंगलसूत्र की तुलना कुत्ते की चेन से कर दी थी।
राजीव झा ने कहा, ''प्रोफेसर शिल्पा सिंह मेरी फेसबुक पर मित्रता सूची में नहीं हैं, लेकिन हमारे 20 से 25 म्यूचुअल फ्रेंड हैं। एबीवीपी की शिकायत के बाद मैंने उनकी 21 अप्रैल की फेसबुक पोस्ट देखी और मुझे गुस्सा आ गया। मैं 28 अक्तूबर को पण्जी पुलिस के पास गया और लिखित नोट में कहा कि उन्हें सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया, तो अगले दिन जाकर मामला दर्ज कराया।''
राजीव झा ने कहा कि अगर प्रोफेसर के किसी धर्म को लेकर कोई विचार है, तो उन्हें उसे अपने तक सीमित रखना चाहिए। उन्हें सोशल मीडिया पर उसका प्रचार नहीं करना चाहिए। इससे उसे मानने वालों की भावनाएं आहत होती हैं।
अपमान करने को लेकर मामला दर्ज कराया
राजीव ने कहा, ''जब हमने उनके खिलाफ शिकायत की, तो शिल्पा ने उल्टा हम पर धमकी और अपमान को लेकर शिकायत दर्ज करा दी। मैं सीधे कॉलेज जा सकता था और कार्रवाई की मांग कर सकता था। लेकिन मैं नहीं गया।
शिल्पा सिंह ने माफी मांगी
बाद में शिल्पा सिंह ने माफी मांगी। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं को उनकी बातों से दुख हुआ है, उसके लिए वह खेद प्रकट करती हैं।
प्रोफेसर ने सुरक्षा मांगी
दूसरी ओर शिल्पा सिंह ने भी पुलिस से कथित तौर पर सुरक्षा मांगी है। उन्होंने कहा कि 30 अक्तूबर की राजीव झा की अपमानजनक पोस्ट (सोशल मीडिया) के बाद से उन्हें धमकी भरे मैसेज मिल रहे हैं। एबीवीपी ने भी कॉलेज में शिकायत की थी। शिकायत में कहा था कि सिंह ने एक विशेष धर्म के बारे में सामाजिक रूप से घृणास्पद विचारों को बढ़ावा दिया और उन्हें हटाए जाने की मांग की। हालांकि, कॉलेज ने कोई भी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। आपको बता दें एबीवीपी आरएसएस की छात्र इकाई है। झा ने कहा कि वह एबीवीपी के मामले के बारे में जानते थे, लेकिन उन्होंने निजी तौर पर शिकायत दर्ज करवाई है।