फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unitech Case: यूनिटेक के पूर्व प्रमोटर्स की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की अपील, पांच साल से हैं जेल में बंद

Wed, 01 Feb 2023 11:01 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Unitech Case: चंद्रा बंधुओं के वकील सिद्धार्थ दवे ने चीफ जस्टिस (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ के समक्ष कहा कि उनके मुवक्किल वित्तीय धोखाधड़ी के लिए दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज मामले में पांच साल और छह महीने से अधिक समय से जेल में बंद हैं, जबकि इस अपराध के लिए अधिकतम सजा सात साल कैद है।
 
विज्ञापन
संजय चंद्रा
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वित्तीय धोखाधड़ी मामले में पांच साल से अधिक समय से जेल में बंद रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक के पूर्व प्रमोटर संजय चंद्रा और अजय चंद्रा ने सुप्रीम कोर्ट से उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई का आग्रह किया है। दोनों ने शीर्ष अदालत ने कहा है कि या तो उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की जाए या उन्हें जमानत के लिए निचली अदालत में जाने की अनुमति दी जाए।

विज्ञापन


बुधवार को सुनवाई के दौरान, अदालत ने नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी से बकाया राशि के अग्रिम भुगतान की मांग किए बिना, यूनिटेक ग्रुप के लेआउट और बिल्डिंग प्लान पर कानूनी कार्यवाही करने को कहा।

चंद्रा बंधुओं के वकील सिद्धार्थ दवे ने चीफ जस्टिस (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ के समक्ष कहा कि उनके मुवक्किल वित्तीय धोखाधड़ी के लिए दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज मामले में पांच साल और छह महीने से अधिक समय से जेल में बंद हैं, जबकि इस अपराध के लिए अधिकतम सजा सात साल कैद है।
विज्ञापन


इसके बाद पीठ ने सवाल किया कि जमानत हासिल करने के लिए अदालत में 750 करोड़ रुपये जमा कराने की पूर्व शर्त का क्या हुआ। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता दवे ने कहा कि अंतरिम जमानत की याचिका में यह शर्त लगाई गई थी, लेकिन मामले में अब आरोप-पत्र दाखिल हो चुका है और दोनों आरोपी नियमित जमानत मांग रहे हैं।

चंद्रा बंधुओं के खिलाफ लंबित हैं कई मामले
दवे ने कहा कि हम चाहते हैं कि या तो सुप्रीम कोर्ट हमारी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करे या हमें जमानत याचिका के लिए संबंधित अदालत में जाने की अनुमति दे। उन्होंने आगे कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मनी लॉन्ड्रिंग केस सहित अन्य मामले भी लंबित हैं, जिनमें आरोप-पत्र दायर किए जा चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें