केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि चार राज्यों, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और असम ने कारोबारी सुगमता के लिए निर्धारित सुधार पूरे कर लिए हैं। मंत्रालय ने आगे कहा, इन राज्यों को खुले बाजार से 5,034 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दी जा रही है।
मंत्रालय के मुताबिक, इस अतिरिक्त कर्ज का सबसे बड़ा लाभ हरियाणा को मिलेगा, जिसके हिस्से में 2146 करोड़ रुपये आएंगे। इसके बाद पंजाब को 1516 करोड़, असम को 934 करोड़ और हिमाचल को 438 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज जुटाने की मंजूरी मिली है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, अब कारोबारी सुगमता के लिए निर्धारित सुधारों को लागू करने वाले राज्यों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इससे पहले आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना भी इन सुधारों को पूरी तरह लागू कर चुके हैं।
इस बात की पुष्टि उद्योग व आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) कर चुका है। मंत्रालय ने आगे कहा, कारोबारी सुगमता सुधार करने के कारण इन 12 राज्यों को 28,183 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज उठाने की मंजूरी दी जा चुकी है।
बता दें कि कारोबारी सुगमता संकेतक संबंधित राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल को दिखाता है। माना जाता है कि इस क्षेत्र में सुधार से राज्य की अर्थव्यवस्था में तीव्र विकास की राह खुलती है।