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'माल्या का बिजनेस मॉडल हो सकता है गलत'

Sat, 16 Apr 2016 09:34 PM IST
एजेंसी/वाशिंगटन,मुंबई
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Union Finance Minister Arun Jaitley - फोटो : PTI
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उद्योगपति विजय माल्या की बढ़ती परेशानियों के लिए किंगफिशर एयरलाइंस के ‘कारोबारी मॉडल’ पर सवाल उठाया है। जेटली ने कहा है कि भारत में विमानन क्षेत्र कुल मिलाकर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और अनेक कंपनियां अच्छा मुनाफा कमा रही हैं। उल्लेखनीय है कि माल्या की विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस लंबे समय से बंद पड़ी है। किंगफिशर व कई अन्य कंपनियों के मालिक माल्या पर बैंकों का 9000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बकाया है। प्रवर्तन निदेशालय के समन के बावजूद माल्या इस समय लंदन में हैं।
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जेटली ने शुक्रवार को माल्या से जुडे एक सवाल पर कहा, ‘मैं इस पर कोई अंतिम राय नहीं दे रहा हूं। ऐसा किसी कंपनी विशेष के कारोबारी मॉडल के कारण हो सकता है। इसके साथ ही जेटली ने उन्हें इस मामले में सीधे तौर पर नहीं जोड़ने को कहा। उन्होंने कहा, ‘जहां तक वसूली का सवाल है इस (माल्या) मामले में, बैंक सभी संभव कदम उठा रहे हैं और जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं किसी दंडात्मक प्रावधान का उल्लंघन तो नहीं हुआ है। माल्या ने तीन अलग-अलग अवसरों पर प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष हाजिर होने के लिए भारत लौटने से इनकार कर दिया था।

इसके बाद उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। निदेशालय उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग के एक मामले की जांच कर रहा है। जेटली का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विदेश मंत्रालय ने माल्या के राजनयिक पासपोर्ट को चार सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया। वित्त मंत्री ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इस (माल्या के मामले) का सरकार से कुछ लेना देना है क्योंकि अनेक मामले अदालतों में लंबित हैं। जेटली वर्तमान में अमेरिका के एक सप्ताह के दौरे पर हैं जहां वह आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में शामिल होंगे।
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माल्या के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने को लेकर फैसला सुरक्षित

- फोटो : Reuters
वहीं मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसे कारोबारी विजय माल्या की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विशेष अदालत ने माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर अपना आदेश 18 अप्रैल के लिए सुरक्षित रख लिया है।

विशेष न्यायाधीश पीआर भावके ने इस मामले की सुनवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की। वर्तमान में ब्रिटेन में रह रहे माल्या पर आईडीबीआई से 950 करोड़ रुपये का लोन लेकर घपला करने का आरोप है। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को माल्या का पासपोर्ट निलंबित कर दिया था।

मंत्रालय ने यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आग्रह पर की थी। ईडी ने विशेष अदालत को बताया कि आईडीबीआई से माल्या ने 950 करोड़ रुपये का लोन लिया और उसमें से उन्होंने 430 करोड़ रुपये में विदेश में संपत्ति खरीदी। ईडी ने कहा कि माल्या जांच से बचना चाहते हैं, इसलिए उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया जाए। अदालत ने ईडी की दलील सुनने के बाद मामले की सुनवाई के लिए 18 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है।
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