केंद्र सरकार ने आरक्षण की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने से इनकार किया है। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की तर्ज पर अनुसूचित जातियों (एससी) की उप श्रेणियां बनाने का भी कोई सरकार का कोई इरादा नहीं है। यह बात वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कही।
बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार के पास न तो कोई ऐसा प्रस्ताव है और न ही भविष्य में ऐसा कोई प्रस्ताव आएगा। उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के सुझावों के अनुसार आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार करेगी।
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इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या ओबीसी की तरह एससी कोटे में भी कोटा देने के लिए उप श्रेणियां बनाई जाएंगी, तो जेटली ने कहा कि इस बारे में भी कोई प्रस्ताव सरकार के समक्ष नहीं है। मालूम हो कि केंद्र सरकार ने ओबीसी में उप श्रेणी बनाने के लिए आयोग गठित करने की पहल की है ताकि आरक्षण के लाभ से वंचित ओबीसी की उप जातियों को इसका फायदा पहुंचाया जा सके।
संघ प्रमुख ने की थी वकालत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने सितंबर, 2015 में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने की वकालत की थी क्योंकि उनके अनुसार इस व्यवस्था को राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया गया। भागवत ने इसके लिए एक गैर राजनीतिक समिति बनाने का सुझाव दिया था जिसे यह तय करना था कि आरक्षण किसे मिलना चाहिए और कितने समय तक मिलना चाहिए।