नोटबंदी के बाद चलन से हटाये गए 500 और 1,000 रुपये के नोटों को जमा करने का अंतिम दिन नजदीक आते ही केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को देश के चार-पांच अग्रणी बैंकों के प्रमुखों के साथ मुलाकात की। बताया जाता है कि इस दौरान नोटबंदी और इससे उपजे हालात का जायजा लिया गया।
सरकार से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, इस बैठक में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के प्रमुख के साथ-साथ भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक समेत कई बड़े बैंकों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद निकासी पर लगाई गई तमाम बंदिशों की सीमा आगामी 30 दिसंबर को खत्म हो रही है।
यही नहीं, चलन से हटाये गए 500 एवं 1,000 रुपये के पुराने नोटों को बैंक में जमा करने की आखिरी तारीख भी 30 दिसंबर, 2016 ही है। वित्त मंत्री की बैंकर्स के साथ यह बैठक इसलिए अहम हो जाती है क्योंकि नकदी निकासी पर जारी सीमा के हटने की अंतिम तिथि काफी करीब है। इसलिए माना जा रहा है कि इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई होगी। वहीं यह भी माना जा रहा है कि बैंक से अन्य जगह पहुंच रही नकदी की शिकायतों और अन्य अनियमितताओं पर भी चर्चा हुई होगी। साथ ही आम नागरिकों को हो रही दिक्कतों का भी जिक्र हुआ होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 8 नवंबर की देर शाम नोटबंदी की घोषणा की थी, जिसके तहत 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को 9 नवंबर से ही देश भर में चलन से हटा दिया गया था। हालांकि उस फैसले के बाद से लेकर अब तक देश में नकदी की किल्लत बरकरार है और जहां-तहां लोग एटीएम के सामने लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं, बशर्ते उस एटीएम में नोट भरे हों।