वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विपक्षी पार्टियों पर सियासी रूप से करारा प्रहार किया है। जेटली ने कहा कि जिन्होंने देश बर्बाद किया अब वे सरकार की आर्थिक नीतियों पर प्रवचन दे रहे हैं। बैंकों की सेहत सुधारने के नाम पर दिए जा रहे 2.11 लाख करोड़ रुपये के कदम का बचाव करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह कदम बैंकों की माली हालत सुधारने के लिए उठाया है।
जेटली ने कहा कि पिछली सरकारों के कुशासन की वजह से देश के आर्थिक हालात बद से बदतर हो गए थे। बैंकों से अनाप-शनाप ऋण बांटे गए थे जिसकी वजह से बैंकों की माली हालत बिगड़ी है। उन्होंने कहा कि बैंकों के पास पैसा आने से वह लघु और मध्यम उद्योगों को ऋण प्रदान करेंगे। इससे न सिफ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ेगी।
दरअसल, मंगलवार को सरकार ने 7 लाख करोड़ की भारत माला परियोजना और बैंकों को 2.11 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देकर उन्हें उबारने के कदम का ऐलान किया था। जिसे लेकर विपक्ष खासतौर से कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। यही वजह है कि जेटली को कांग्रेस के खिलाफ हमलावर रूख अख्तियार करना पड़ा है।
देश की बर्बादी कांग्रेस की विरासत
कांग्रेस पार्टी पर अपने सियासी हमले को धार देते हुए अरुण जेटली ने कहा कि देश की बर्बादी उनकी विरासत है। उन्होंने कहा कि उनकी नालायकी को सुधारने में ही हमें समय लग गया। मगर देश अब तरक्की की राह पर आगे बढ़ चला है। जीएसटी का बचाव करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया के देशों में जीएसटी की यदि सबसे कम दर कहीं है तो वह देश भारत है।
बतौर जेटली दुनिया के देशों में जहां जीएसटी लागू है वहां टैक्स की न्यूनतम दर 10 प्रतिशत है। जबकि भारत में जीएसटी की न्यूनतम दर महज 5 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से टैक्स कलेक्शन में न सिर्फ इजाफा हुआ है बल्कि कैश का चलन भी कम हुआ है। जेटली के अनुसार, इससे कैश करेंसी के चलन में और कमी आएगी। धनतेरस के दिन हुई सोने की खरीद का उदाहरण पेश करते हुए वित्त म़ंत्री ने बताया कि धनतेरस के दिन 50 से ज्यादा प्रतिशत लोगों ने सोने की खरीद ऑनलाइन और अन्य डिजिटल माध्यमों से की है।