उत्तराखंड के पवित्र चार धामों के आखिरी मील तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लक्ष्य वाली रेल परियोजना अब हकीकत के धरातल पर जल्द ही उतर सकती है। कोरोना महामारी की चुनौतियों के बावजूद यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ तक रेल पहुंचाने के लिए चार धाम बीजी रेल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट का फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) जल्द ही पूरा होने वाला है।
रेलवे अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को परियोजना की समीक्षा बैठक में यह जानकारी केंद्रीय रेलवे मंत्री पीयूष गोयल को दी। रेल मंत्री ने इस परियोजना की घोषणा पिछले साल अगस्त में सभी के साथ साझा की थी।
बैठक के दौरान रेल मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा और आराम के लिहाज से सभी विकल्पों की विस्तृत समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आखिरी पग तक संपर्क के सभी विकल्पों के साथ-साथ परियोजना के पूरा होने तक के विस्तृत लागत प्रभाव का परीक्षण किया जाए।
सर्वे में आरामदायक सफर के साथ पर्यावरण पर भी नजर
रेलवे के मुताबिक, चार धाम यात्रा के लिए फिलहाल आवीक्षण इंजीनियरिंग सर्वे (आरईएस) चल रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं को धामों तक सुरक्षित, आरामदायक तरीके से और समय पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही इस सर्वे में ऐसे तंत्र पर भी ध्यान दिया जा रहा है, जो इस रेल यात्रा को पर्यावरण मित्र बना सके।
विदेशी पर्यटकों पर भी नजर
सर्वे में उत्तराखंड में हर साल ट्रैकिंग और साइट सीन के लिए आने वाले हजारों देशी-विदेशी पर्यटकों के लिहाज से भी ध्यान दिया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे में रेल को ज्यादा से ज्यादा खूबसूरत दृश्यों वाले इलाकों से गुजारने की गुंजाइश देखी जा रही है।
यह है अभी तक योजना
- यमुनोत्री के लिए बड़कोट तक, गंगोत्री के लिए उत्तराकाशी तक, केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग तक और बदरीनाथ के लिए जोशीमठ तक चलेगी रेल
- केदारनाथ और बदरीनाथ के लिए कर्णप्रयाग स्टेशन बनेगा जंक्शन, जहां तक फिलहाल ऋषिकेश से 125 किमी लंबी रेल परियोजना का काम जारी
- गंगोत्री और यमुनोत्री तक रेल कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए देहरादून के डोईवाला जंक्शन से निकाली जाएगी नई रेलवे लाइन