स्मारकों पर शूटिंग के लिए अब 20 दिन में मिलेगी अनुमति
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विभिन्न स्मारकों पर शूटिंग के लिए अब फिल्म निर्माताओं को 20 दिन में ऑनलाइन अनुमति मिल जाएगी। इससे पहले अनुमति के लिए एक साल तक का समय लग जाता था। इसके अलावा फीस की राशि एक लाख रुपये से घटाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि अब सरकार ने यह निर्णय लिया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित जिन स्मारकों पर लाइट एंड साउंड शो होता है, उन्हें रात नौ बजे तक खोला जाएगा।
इसके अलावा जिन जगहों पर जिला प्रशासन अनुमति देगा, ऐसे लाइट एंड साउंड शो वाले स्मारकों को रात दस बजे तक खोला जा सकेगा। उन्होंने कहा, पहले स्मारकों पर फिल्म निर्माता को शूटिंग की अनुमति के लिए एक साल तक इंतजार करना पड़ता था। अब इस प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है और अनुमति देने के लिए 20 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
विश्व धरोहरों और कुछ अन्य धरोहरों को छोड़कर अन्य सभी स्मारकों पर पत्रकार समेत कोई भी आम पर्यटक फोटो खींच सकेंगे। इसके अलावा वीडियोग्राफी का भी मौका मिलेगा। स्मारकों पर लगाये जाने वाले टिकट की राशि के बारे में उन्होंने कहा, पर्यटकों की संख्या के आधार पर तय किया जाएगा कि किस स्मारक का टिकट कितना रखा जाए। सभी स्मारकों के लिए एक समान टिकट राशि नहीं हो सकती।