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विवादों में छाए हैं एनएसडी से निकले ये दो दोस्त, जानें फिल्मी सफरनामा

Sun, 30 Dec 2018 04:35 PM IST
Shani Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Naseeruddin shah- Anupam kher
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अनुपम खेर और नसीरुद्दीन शाह इन दिनों दो अभिनेता सुर्खियां बटोर रहे हैं। अनुपम खेर अपनी द एक्सीडेंटिअल प्राइम मिनिस्टर फिल्म को लेकर चर्चा में हैं वहीं नसीर अपने बयान को लेकर। नसीरुद्दीन ने हाल ही में देश के माहौल को लेकर एक बयान दिया। अनुपम खेर ने उनके बयान पर कहा कि आखिर और कितनी आजादी चाहिए।
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दोनों ही अभिनेता राष्ट्रीय नाट्य अकादमी (एनएसडी) से निकले और फिर फिल्मों की दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा लोहा मनवाया। हालांकि दोनों कलाकार काफी अच्छे दोस्त माने जाते हैं। 

आइए नजर डालते है इन दोनों एक सफर पर- 

बहुमुखी प्रतिभा के धनी नसीरुद्दीन शाह का जन्म उत्तरप्रदेश के बाराबंकी में 16 अगस्त 1949 को हुआ था।  नसीर के पिता का नाम मोहम्मद शाह है, जबकि माता का नाम फर्रुख सुल्तान है। इनके दो भाई भी हैं। बड़े भाई जमीरूद्दीन शाह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर रह चुके हैं।
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नसीरुद्दीन स्कूली शिक्षा अजमेर के सेंट एन्सलमाज से की जबकि कॉलेज की पढ़ाई अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला ले लिया। 

यहां यह जानना दिलचस्प होगा कि नसीरूद्दीन शाह के पिता उनके अभिनय की दुनिया में जाने के हक में नहीं थे और इसी बात को लेकर अपने पिता से उनके रिश्ते तल्ख बने रहे। सपनों की नगरी में भाग्य आजमाने पहुंचे नसीर को संघर्ष के दिनों ने मजबूत बने रहने का हौंसला दिया। अपनी आत्मकथा ऐंड देन वन डे में नसीर ने इस बात को बड़ी बेबाकी से स्वीकार किया है। वह लिखते हैं, मेरे लिए मेरे पिता के सपने धीरे-धीरे ध्वस्त हो रहे थे। मैं अपने सपनों पर भरोसा करने लगा था।

इसके अलावा उन्होंने अपनी इस किताब में अपनी जिंदगी के कई ऐसे पन्नों को भी खोला है, जिनके बारे में उनके अलावा शायद किसी को नहीं पता था। उन्होंने इसमें अभिनय के सफर के दौरान मिली कामयाबी और नाकामयाबी के साथ ही अपने पहले प्यार, पहली शादी और पहली बेटी के साथ अपने रिश्तों को बड़ी ईमानदारी से जगह दी है।

Naseeruddin shah
नसीरूद्दीन शाह की पहली शादी मनारा सीकरी से हुई थी, जिनसे उनकी एक बेटी हीबा शाह है। पहली पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने रत्ना पाठक से शादी कर ली। इन दोनों के दो पुत्र इमाद और विवान हैं।

1975 में श्याम बेनेगल की फिल्म निशांत से नसीरूद्दीन शाह ने रूपहले पर्दे पर कदम रखा और उसके बाद कई फिल्मों में इतना स्वाभाविक अभिनय किया कि उनके प्रशंसकों की तादाद लगातार बढ़ती रही।

इस दौरान उन्होंने निशांत, आक्रोश, स्पर्श, मिर्च मसाला, अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है, मंडी, जुनून, मोहन जोशी हाजिर हो और अर्थ सहित बहुत सी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया।

1980 में आई फिल्म ‘हम पांच’ से मुख्य धारा सिनेमा में नसीरुद्दीन शाह के सफर की शुरुआत हुई। समानांतर सिनेमा के मंझे हुए अभिनता ने एक गांव में विद्रोह की आवाज उठाने वाले नौजवान के किरदार को बेहद संजीदगी से निभाया। इसके बाद आई तमाम फिल्में उनके अभिनय को निखारती चली गईं और वह समानांतर सिनेमा के साथ ही व्यावसायिक सिनेमा के भी बेहतरीन फनकार बनकर उभरे।

2003 में सिनेमा जगत में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पद्मभूषण पुरस्कार से नवाजा गया। 

2006 में नसीर ने निर्देशक के तौर पर भी अपना हाथ आजमाया और यूं होता तो क्या होता फिल्म निर्देशित की।
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anupam kher
अनुपम खेर उन्होंने अभिनेताओं में से एक है जिन्होंने खलनायक से लेकर नायक तक हर भूमिका को बखूबी निभाया है। अनुपम का जन्म 7 मार्च 1955 को शिमला में हुआ था। उनके पिता पुष्करनाथ खेर वन विभाग में क्लर्क थे। माता का नाम दुलारी खेर है। उनके छोटे भाई राजू खेर भी अभिनेता हैं। अनुपम की पहली शादी मधुमालती से हुई थी तलाक के बाद उन्होंने 1985 में किरण खेर से शादी कर ली। किरण चंडीगढ़ से भाजपा की सांसद है। 

अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत अनुपम खेर ने 1982 में आगमन नामक फिल्म से की थी लेकिन 1984 में आई सारांश उनकी पहली हिट फिल्म मानी जाती है।

उन्होंने हर भूमिका में जान डालकर दर्शकों के दिलों पर राज किया है।  शाहरुख खान के साथ उन्होंने कई यादगार फिल्में कीं। कई फिल्मो में उन्होनें शाहरूख को पिता की भूमिका निभाई है। 

फिल्मी सफर- सारांश, मिसाल, मेरे बाद, राम लखन, निशानेबाजी, त्रिदेव, राम लखन, नागिन और लुटेरे, खेल, शोला और शबनम, बेटा, डर, दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे, बड़े मियाँ छोटे मियां, हसीना मान जायेगी, कहो ना प्यार है, शिकार, कोई मेरे दिल से पूछे, एक अलग मौसम, क्या कूल हैं हम, यारां नाल बहारां, यारां नाल बहारां, जानेमन, प्रतीक्षा, आप की खातिर, उमर, विवाह, अपना सपना मनी मनी, शादी से पहले, खोसला का घोसला, चुप चुप के, लागा चुनरी में दाग, गौरी, जाने भी दो यारों, दिलरुबा, दस कहानियां, गांधी पार्क, अय्यारी   

अनुपम खेर को एक बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और तीन बार सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का  फिल्मफेयर अवार्ड मिल चुका है।
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