फ्रांस के इस्तरे-ली ट्यूब एयरबेस से राफेल लड़ाकू विमान की तस्वीरें जारी की गई, इस दौरान इसने उड़ान भी भरी। राफेल के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि इसकी ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा। लंबे समय से राफेल के मामले में चल रहे विवाद के बाद समाचार एजेंसी एएनआई ने दसॉल्ट के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने कई खुलासे किए हैं।
एरिक ने राफेल डील मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों को सिरे खारिज करते हुए कहा, 'मैं झूठ नहीं बोलता हूं। मैं जिस जगह बैठा हूं वहां झूठ नहीं बोला जा सकता है।' बता दें कि राहुल गांधी ने 2 नवंबर को आरोप लगाया था कि दसॉ ने नुकसान झेल रही अनिल अंबानी की कंपनी में 284 करोड़ रुपये निवेश किए हैं।
राफेल में एक मिनट में 36 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचने की है शक्ति
राफेल फाइटर विमान में कई ऐसी खासियत है, जो इसे अन्य लड़ाकू विमानों से अलग बनाती है। अत्याधुनिक हथियारों से लैस यह फाइटर जेट दुश्मनों के खेमे में जाकर बहुत आसानी से उनके परख्च्चे उड़ाने की खासियत रखता है।
दो इंजन वाला यह फाइटर जेट 2,130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है। यही नहीं राफेल करीब 3700 किलोमीटर के दायरे में खड़े दुश्मन को कहीं भी नेस्तनाबूद कर सकता है।
फ्रांस के इस्त्रे-ले-ट्यूब एयरबेस पर भारतीय वायुसेना को मिलने वाले राफेल लड़ाकू विमान के बेड़े में से पहले विमान का परीक्षण किया गया है। विमान को रनवे पर उतारा गया और फिर उसने उड़ान भरी।
राफेल कई मामलों में दूसरे फाइटर जेट से अलग बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबित 36 हजार से 60 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है और यहां तक कि दुश्मनों को धोखा देने और इस ऊंचाई तक पहुंचने में भी यह महज एक मिनट का समय लेता है। एक बार ईंधन भरने पर यह लगातार 10 घंटे की उड़ान भर सकता है। राफेल पर लगी गन एक मिनट में 125 फायर करने में सक्षम है।
फाइटर जेट करीब 24,500 किलोग्राम तक वजन के साथ उड़ान भर सकने में सक्षम हैं और परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम हैं। बता दें कि भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल फाइटर जेट की खरीद के लिए डील हुई थी। ये विमान 2019 से भारत आने शुरू हो जाएंगे।